India-Russia Annual Summit: भारत और रूस के बीच होने वाले वार्षिक सम्मेलन में इस बार पीएम मोदी हिस्सा नहीं लेंगे। क्या है इसकी वजह? आइए जानते हैं।
भारत (India) और रूस (Russia) के संबंधों से हर कोई वाकिफ है। दोनों देशों में अच्छे स्ट्रैटेजिक ही नहीं, अच्छे ट्रेड संबंध भी हैं। और पिछले कुछ समय में ये संबंध और भी मज़बूत हुए हैं। भारत और रूस के बीच के इन्हीं संबंधों के चलते हर साल दोनों देशों के बीच सम्मेलन आयोजित किया जाता है, जिसमें दोनों देशों के लीडर्स आमने-सामने की मीटिंग करते हैं और अहम् विषयों पर चर्चा करते हैं। पर इस साल दोनों देशों के बीच इस सम्मेलन के होने की संभावना न के बराबर है।
पीएम मोदी नहीं जाएंगे मॉस्को
पिछले साल दोनों देशों के बीच यह सम्मेलन भारत की राजधानी दिल्ली (New Delhi) में हुआ था। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने इसमें हिस्सा लिया था और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के साथ करीब 6 घंटे तक मीटिंग की थी। इस साल यह सम्मेलन रूस की राजधानी मॉस्को (Moscow) में इसी महीने होना था। पर रिपोर्ट के अनुसार यह सम्मेलन इस साल के लिए टल सकता है। ऐसे में पीएम मोदी इस मीटिंग के लिए मॉस्को नहीं जाएंगे।
क्या है वजह?
दरअसल रूस और यूक्रेन के बीच करीब 10 महीने से युद्ध चल रहा है। हाल ही में इस युद्ध में न्यूक्लियर खतरे की संभावना भी बढ़ गई है। हालांकि पुतिन की तरह से यह साफ कर दिया गया है कि रुस न्यूक्लियर हमले की शुरुआत नहीं करेगा। पर इसके बावजूद युद्ध से दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति काफी ज़्यादा है। इसी वजह से भारत और रूस के बीच होने वाले वार्षिक सम्मेलन को इस साल के लिए टाले जाने की पूरी संभावना है।
22 साल में सिर्फ दूसरी बार होगा ऐसा
भारत और रूस के बीच 2000 से वार्षिक सम्मेलन का आयोजन हो रहा है, जिसमें दोनों देशों के लीडर्स मीटिंग करते हैं। पर इस साल इस सम्मेलन के टलने से 22 साल के इतिहास में ऐसा सिर्फ दूसरा मौका होगा। इससे पहले 2020 के कोरोना की वजह से इस सम्मेलन को टाल दिया गया था।
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