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‘PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं, तानाशाह मुनीर बर्दाश्त नहीं’ :प्रदर्शनकारियों ने भारत से संपर्क करने के खिलाफ चेताया

PoK Protests: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के रावलकोट ईदगाह मैदान में गुस्साए हजारों प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह इलाका पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। यहां के लोगों ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को तानाशाह बताते हुए उन्हें नकार दिया है।
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Jun 30, 2026
PoK Protests News
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मुजफ्फराबाद में प्रदर्शन करते प्रदर्शनकारी । ( फोटो : ANI)

PoK Protests Against Asim Munir: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के रावलकोट ईदगाह मैदान में गुस्साए हजारों प्रदर्शनकारियों ने इस इलाके पर इस्लामाबाद के कंट्रोल का विरोध किया और कहा कि यह इलाका पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। यहां के लोगों ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को नकार दिया है और कहा है कि वे किसी तानाशाह को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने सरकार को भारत के साथ बातचीत करने को लेकर भी चेतावनी दी।

पाकिस्तान को इस इलाके की जरूरत कहीं अधिक

नागरिक अधिकार कार्यकर्ता सरदार अमान खान ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान को इस इलाके की जरूरत कहीं अधिक है, जबकि यह इलाका पाकिस्तान पर उतना निर्भर नहीं है।

पाकिस्तानी राजनयिक मिशनों के बाहर प्रदर्शन

ये विरोध-प्रदर्शन सिर्फ़ पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर तक ही सीमित नहीं हैं और विदेशों में रहने वाले समर्थकों ने भी कई देशों में पाकिस्तानी राजनयिक मिशनों के बाहर प्रदर्शन किए हैं।

वीडियो में कहा,यह इलाका पाकिस्तान का हिस्सा नहीं

एक वीडियो में, पाक के कब्जे वाले कश्मीर के लोगों ने कहा है कि यह इलाका पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने सेना प्रमुख आसिम मुनीर को जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। ये विरोध प्रदर्शन सिर्फ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर तक ही सीमित नहीं हैं और विदेशों में रहने वाले लोगों ने भी कई देशों में राजनयिक मिशनों के बाहर प्रदर्शन किए हैं। विरोध प्रदर्शन करने वाले नेताओं का कहना है कि उनका अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक मुजफ्फरबाद और व्यापक क्षेत्र के संबंध में उनका राजनीतिक उद्देश्य प्राप्त नहीं हो जाता।

पीओके अब पाकिस्तान के नियंत्रण में नहीं

प्रदर्शन के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि इस इलाके को अब पाकिस्तान के नियंत्रण में नहीं माना जाना चाहिए, और भारत के विरुद्ध मजबूत संबंध बनाने की कोशिशें साफ तौर पर देखी जा सकती हैं। इस बीच, मंगलवार को विरोध प्रदर्शन का 22वें दिन में प्रवेश कर गया।

सरदार अमन खान विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे

नागरिक अधिकार कार्यकर्ता सरदार अमन खान समेत स्थानीय लोग इस विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। अधिकारियों द्वारा खाद्य सामग्री और अन्य ज़रूरी चीज़ों की आपूर्ति पर दो हफ़्ते की नाकेबंदी लागू करने के बाद इस विरोध को और तेजी मिली।

इलाके क्षेत्र में 5 जून से इंटरनेट सेवाएं भी बंद

यह ध्यान देने योग्य है कि ये विरोध प्रदर्शन प्रशासनिक मुद्दों से उपजे हैं, जिन्हें आर्थिक कठिनाई, अशांति और सरकारी दमन तथा बेरोजगारी से संबंधित दीर्घकालिक बीमारियों ने और हवा दी है। अधिकारियों के बीच संचार को रोकने और विरोध प्रदर्शनों के बारे में जनता को जानकारी सीमित करने के लिए क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं भी 5 जून से बंद हैं।

एलओसी के पास एक अलग धरना प्रदर्शन चल रहा

इधर 9 जून से लाइन ऑफ कंट्रोल के पास एक अलग हड़ताल चल रही है। प्रदर्शन के दौरान, खान ने कहा कि अगर खाने-पीने और दूसरी जरूरी चीजों की सप्लाई पर रोक लगाई जाती है, तो वहां के लोग मदद के लिए भारत का रुख कर सकते हैं। खान ने कहा कि ऐसा कदम इलाके के राजनीतिक माहौल बदल देगा और इस्लामाबाद पर दबाव डालेगा।

Published on:
30 Jun 2026 06:37 pm