
पोलैंड में Starlink की एक अहम ग्राउंड स्टेशन पर लगी आग ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार शाम मध्य पोलैंड में स्थित इस स्टेशन के पावर सिस्टम और जनरेटर में आग लग गई।
पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और डिजिटल मामलों के मंत्री क्रिजिस्तोफ गॉवकोव्स्की ने इसे संभावित तोड़फोड़ का मामला बताया है। हालांकि, अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि आग के पीछे रूस का हाथ था।
यह स्टेशन इलाके में स्टरलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट कनेक्टिविटी बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसकी सेवाओं का इस्तेमाल यूक्रेन में भी होता है। पोलिश अधिकारी के मुताबिक, आग की वजह से स्टेशन को बंद करने की कोशिश की गई हो सकती है।
उन्होंने बताया कि अगर स्टेशन लंबे समय तक बंद रहता तो कई संस्थानों की इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रभावित हो सकती थी, जिसमें यूक्रेन की सैन्य व्यवस्था भी शामिल है।
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक आग स्टेशन के पावर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और जनरेटर वाले हिस्से में लगी थी। दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। बाद में सिस्टम को दोबारा चालू कर दिया गया और फिलहाल सेवाएं सामान्य बताई जा रही हैं।
गॉवकोव्स्की ने कहा कि शुरुआती संकेत इस बात की ओर इशारा करते हैं कि आग जानबूझकर लगाई गई हो सकती है। उनके मुताबिक इसका संभावित मकसद स्टेशन को निष्क्रिय करना और इंटरनेट कनेक्टिविटी को बाधित करना था।
पोलिश सरकार इस घटना को व्यापक सुरक्षा चुनौती के संदर्भ में देख रही है। गॉवकोव्स्की ने प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के हालिया बयानों का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं हाइब्रिड वॉरफेयर का हिस्सा हो सकती हैं। यानी किसी देश को सीधे युद्ध में शामिल हुए बिना उसकी अहम व्यवस्था, संस्थानों या बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना।
पोलिश उप प्रधानमंत्री ने साफ किया कि फिलहाल यह साबित नहीं हुआ है कि आग रूस ने लगवाई थी। हालांकि उन्होंने कहा कि सामने आ रहे कई संकेत रूस की उस कथित रणनीति से मेल खाते हैं, जिसमें यूरोप के अहम बुनियादी ढांचे और यूक्रेन के समर्थन से जुड़ी व्यवस्थाओं को निशाना बनाने की कोशिश की जा सकती है।
पोलैंड 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद से संभावित तोड़फोड़ को लेकर हाई अलर्ट पर रहा है। पोलिश अधिकारियों ने पहले भी देश में संदिग्ध रूसी गतिविधियों और विदेशी खुफिया नेटवर्क से जुड़े मामलों की जांच की है। जनवरी 2026 में पोलैंड की अभियोजन एजेंसी ने रूसी खुफिया तंत्र के लिए कथित तोड़फोड़ के मामलों में पांच लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने की जानकारी दी थी।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में सैटेलाइट इंटरनेट कनेक्टिविटी बेहद महत्वपूर्ण रही है। ऐसे में पोलैंड में Starlink की उस व्यवस्था पर आग लगना, जो यूक्रेन को भी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराती है, सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है।