
Sitting Cancer Risk: अगर आप भी दिनभर एक ही जगह घंटों बैठकर काम करते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। एक नए अध्ययन में सामने आया है कि रोजाना लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहना कैंसर होने के जोखिम को 9 फीसदी तक बढ़ा देता है। सबसे चिंता की बात यह है कि अगर लगातार बैठे रहने की अवधि एक घंटा और बढ़ जाए, तो यह जोखिम 9 से बढ़कर सीधे 12 फीसदी तक पहुंच जाता है।
यह निष्कर्ष स्कॉटलैंड की ग्लासगो यूनिवर्सिटी के शोधार्थियों ने निकाला है। डॉ. फ्रेडरिक हो की अगुवाई वाली टीम ने यह शोध किया, जिसके अनुसार लगातार बैठे रहना और हल्की या बेहद कम शारीरिक गतिविधि, कैंसर से मौत होने के जोखिम को बढ़ाती है। इस नतीजे तक पहुंचने के लिए शोधार्थियों ने एक पूरे दशक तक 90,000 से ज्यादा लोगों की सेहत पर बारीकी से नजर रखी। डॉ. फ्रेडरिक के मुताबिक, एक बार में 30 मिनट से अधिक समय तक लगातार बैठे रहना कैंसर के उच्च जोखिम से सीधे जुड़ा हुआ है।
अध्ययन के दौरान शोधार्थियों ने पाया कि लगातार बैठकर काम करने से मोटापे से जुड़े कई तरह के कैंसर का खतरा बढ़ता है। इनमें भोजन की नली, यकृत (लिवर), गुर्दे, अग्नाशय, स्तन, अंडाशय और थायरॉयड से जुड़े कैंसर प्रमुख रूप से शामिल हैं। यानी सिर्फ एक अंग नहीं, बल्कि शरीर के कई महत्वपूर्ण हिस्से इस खतरे की चपेट में आ सकते हैं।
राहत की बात यह है कि इस जोखिम को कम भी किया जा सकता है। डॉ. फ्रेडरिक के अनुसार, अगर रोजाना 30 मिनट की निष्क्रियता को 30 मिनट की मध्यम शारीरिक गतिविधि जैसे सामान्य गति से चलना, से बदल दिया जाए तो कैंसर का जोखिम 8 प्रतिशत तक घट जाता है।
अध्ययन का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि अगर प्रतिदिन सिर्फ पांच मिनट की निष्क्रियता को पांच मिनट की जोरदार शारीरिक गतिविधि से बदला जाए, तो कैंसर का जोखिम पूरे 22 प्रतिशत तक घट जाता है। यानी दिनभर की भागदौड़ में से बस कुछ मिनट निकालकर तेज गतिविधि करना, लंबे समय तक बैठे रहने के नुकसान की भरपाई काफी हद तक कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अध्ययन उन लोगों के लिए एक अहम चेतावनी है जो डेस्क जॉब में घंटों बिना हिले-डुले बैठे रहते हैं।