विदेश

इमरान खान के खिलाफ साजिशों का नहीं होगा कोई फायदा, पीटीआई की दो-टूक

पूर्व पाकिस्तानी पीएम इमरान खान की पार्टी पीटीआई की तरफ से यह साफ कर दिया गया है कि उनके खिलाफ साजिशों का कोई फायदा नहीं होगा। क्या है पूरा मामला? आइए नज़र डालते हैं।
2 min read
Dec 08, 2025
PTI comments on attempts of discrediting Imran Khan
PTI comments on attempts of discrediting Imran Khan (Representational Photo)

पाकिस्तान (Pakistan) के पूर्व पीएम इमरान खान (Imran Khan) हाल ही में अपनी मौत की अफवाह की वजह से सुर्ख़ियों में छाए रहे। वह 2 साल से भी ज़्यादा समय से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं और जेल में ही उनकी हत्या की अफवाह सामने आई थी। बाद में इमरान की बहन उज़मा खान को उनसे मिलने दिया गया और उन्होंने इमरान की मौत की अफवाह पर विराम लगाते हुए साफ कर दिया कि पूर्व पाकिस्तानी पीएम ज़िंदा हैं, लेकिन उन्हें जेल में टॉर्चर किया जा रहा है। उन्होंने साफ कर दिया कि इमरान के खिलाफ पाकिस्तानी हुकूमत साजिश कर रही है। पूर्व पाकिस्तानी पीएम के खिलाफ चल रही साजिशों पर उनकी पार्टी ने दो-टूक जवाब दिया है।

इमरान के खिलाफ साजिशों का नहीं होगा फायदा

पाकिस्तान के पेशावर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में रविवार को एक रैली के दौरान पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) नेताओं के साथ उनकी राजनीतिक सहयोगी पार्टी तहरीक-ए-तहाफुज-ए-आइन-ए-पाकिस्तान (टीटीएपी) भी शामिल हुई। दोनों पार्टियों ने इमरान के साथ एकजुटता व्यक्त की। पीटीआई की तरफ से दो-टूक जवाब दिया गया कि इमरान के खिलाफ साजिशों का कोई फायदा नहीं होगा।

इमरान के खिलाफ अभद्र टिप्पणियों पर जताई आपत्ति

पीटीआई ने हाल ही में विरोधियों की तरफ से इमरान के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणियों पर भी आपत्ति जताई। साथ ही भविष्य में ऐसी टिप्पणियों को रोकने के लिए पीटीआई ने ज़िम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराए जाने की मांग की।

पाकिस्तान को टूटने नहीं देंगे

रैली को संबोधित करते हुए टीटीएपी प्रमुख महमूद खान अचकजई ने कहा कि अलोकतांत्रिक तत्व टीटीएपी और पीटीआई जैसे 'वास्तविक राजनीतिक आंदोलनों' से घबराकर अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। अचकजई ने कहा, "पाकिस्तान हमारा देश है, और हम इसे टूटने नहीं देंगे। इसके लिए हम हर संभव प्रयास करेंगे। हम एक ऐसा पाकिस्तान चाहते हैं जहाँ कोई दूसरों को नुकसान न पहुंचाए, जहाँ विभिन्न विचारधाराओं वाले लोग शांतिपूर्वक एक साथ रह सकें और यह देश संवैधानिक सर्वोच्चता और कानून के शासन के साथ आगे बढ़े।"