
Baltic Sea tensions: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोप को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यूरोप के साथ किसी भी तरह के टकराव में एक पक्ष की जीत नहीं होगी। उन्होंने यूरोप को बाल्टिक सागर को होर्मुज बनाने की धमकी दी है। पुतिन ने साफ तौर पर कहा कि मॉस्को यूरोप से युद्ध नहीं चाहता है, लेकिन वह किसी भी चुनौती का माकूल जवाब दे सकता है।
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि हम बाल्टिक सागर में जहाजों के आवाजाही पर लगने वाले पाबंदियों के खिलाफ हैं, लेकिन समुद्री मार्ग में बाधा डालने से वैसी ही स्थिति पैदा हो सकती है, जैसी होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास देखने को मिली थी। मॉस्को में पत्रकारों से बात करते हुए पुतिन ने सवाल किया कि क्या कोई चाहता है कि बाल्टिक में वही स्थिति हो जो खाड़ी या होर्मुज जलडमरूमध्य में है? हम ऐसा नहीं चाहते, लेकिन किसी भी चुनौती का जवाब देंगे।
गौरतलब बात यह है कि उनकी ये टिप्पणियां अफ्रीकी नेताओं के साथ शिखर सम्मेलन की मेजबानी के बाद आईं, जिसमें फिनलैंड और नॉर्वे के साथ हाल के कूटनीतिक संपर्कों पर भी चर्चा हुई। पुतिन ने कहा कि मॉस्को और यूरोप के बीच बढ़ती खींचतान के बावजूद हम संबंध बहाल करने की पहल के लिए तैयार है।
पुतिन ने कहा कि रूस यूरोप के साथ युद्ध की संभावना के लिए तैयार है, हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि वह ऐसा संघर्ष नहीं चाहता। उन्होंने यह भी कहा कि टकराव का रास्ता अपनाने वाले किसी भी देश को उसके नतीजों के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने आगाह किया कि अगर तनाव हद से ज़्यादा बढ़ा, तो किसी की भी जीत नहीं होगी, और सरकारों से आग्रह किया कि वे व्यापक संघर्ष के जोखिमों को नजरअंदाज न करें। इसके अलावा, पुतिन ने फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब और नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्तोरे का बचाव किया, जिन्होंने इस सप्ताह उनसे फोन पर बात की थी। मॉस्को से संवाद करने के उनके फैसले की कुछ यूरोपीय देश में आलोचना हुई, जहां कुछ अधिकारियों ने इन कॉल्स को रूस के प्रति साझा यूरोपीय रुख से अलग कदम माना। रूसी नेता ने जोर देकर कहा कि संबंधों की बहाली के लिए इस तरह का संवाद जरूरी है।