
Romania Ukraine Military Aid: रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जंग जारी है। दोनों देश एक-दूसरे पर हमले करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। इस बीच, रूस ने रोमानिया पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि वह यूक्रेन को सीधे सैन्य और लॉजिस्टिक मदद दे रहा है। यह दावा रूस के विदेश मंत्रालय के दूसरे यूरोपीय विभाग के निदेशक यूरी पिलिप्सन ने TASS को दिए एक इंटरव्यू के दौरान किया।
यूरी पिलिप्सन ने कहा कि रोमानिया अब कीव सरकार को सीधे सैन्य और अन्य सामान पहुंचाने में मदद कर रहा है। उनके मुताबिक, रोमानिया ने मोल्दोवा के गिउरगिउलेश्टी बंदरगाह की संचालन कंपनी को खरीद लिया है। इसके बाद इस बंदरगाह का इस्तेमाल यूक्रेन तक अलग-अलग तरह का सामान पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।
रूसी अधिकारी ने दावा किया कि गिउरगिउलेश्टी बंदरगाह को यूक्रेन के लिए सामान पहुंचाने वाले ट्रांजिट हब में बदल दिया गया है। इसमें यूक्रेनी सेना के लिए भेजी जाने वाली सामग्री भी शामिल है। रोमानिया ने बंदरगाह की खरीद को आर्थिक संबंध मजबूत करने की दिशा में एक कदम बताया है। उसका कहना है कि इस बंदरगाह का इस्तेमाल यूक्रेन के पुनर्निर्माण के लिए किया जाएगा।
गिउरगिउलेश्टी बंदरगाह मोल्दोवा के लिए काफी महत्वपूर्ण है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, समुद्र के रास्ते होने वाले मोल्दोवा के कुल आयात और निर्यात में इस बंदरगाह की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत से ज्यादा है। रूस के विदेश मंत्रालय के अधिकारी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस और यूरोपीय देशों के बीच तनाव बना हुआ है। हालांकि, रोमानिया की ओर से यूक्रेन को सैन्य मदद देने को लेकर इस बयान में किए गए दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रूसी सेना ने रात में यूक्रेन के काला सागर क्षेत्र में मौजूद बंदरगाहों और उनसे जुड़े ठिकानों पर हमला किया। रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ओडेसा और चोर्नोमोर्स्क के बंदरगाहों में ईंधन भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया गया। इसके अलावा, ओडेसा के पास स्थित बिलियारी और नोवी बिलियारी में भी ईंधन भंडारण केंद्रों पर हमला किया गया। रूसी रक्षा मंत्रालय का दावा है कि इन ईंधन भंडारण केंद्रों का इस्तेमाल यूक्रेनी सेना के लिए किया जा रहा था।