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हूती विद्रोहियों के कब्ज़े वाली यमन की राजधानी सना पर सऊदी अरब ने की एयरस्ट्राइक्स

Houthis-Saudi Arabia Conflict: सऊदी अरब ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए यमन की राजधानी सना पर एयरस्ट्राइक्स की है।
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भारत

•

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Tanay Mishra

•

Oct 03, 2026

Saudi Arabia airstrikes in Sanaa

यमन की राजधानी सना पर सऊदी अरब ने की एयरस्ट्राइक्स (Photo - Video Screenshot from @TehranTimes79)

यमन (Yemen) के हूती विद्रोहियों (Houthis) के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने यमन की राजधानी सना पर एयरस्ट्राइक्स कर दी है। सना पर हूतियों का कब्ज़ा है और ऐसे में सऊदी अरब की सेना ने शहर में कई एयरस्ट्राइक्स करते हुए हूतियों को बड़ा झटका दिया है।

कुछ समय में हुए 7 से ज़्यादा धमाके

स्थानीय लोगों ने बताया कि सना में कुछ ही समय के भीतर 7 से ज़्यादा धमाके सुने गए। उन्होंने कहा कि धमाकों से शहर के कई हिस्से हिल गए। सऊदी अरब की एयरफोर्स के फाइटर जेट्स को भी सना के एयरस्पेस में देखा गया। जानकारी के अनुसार सऊदी अरब ने हूतियों के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए। सना के अलग-अलग हिस्सों में अल-नहदैन और जबल अत्तान के पहाड़ी इलाकों से धुएं के गुबार उठते देखे गए।

हूती विद्रोहियों ने की हमले की पुष्टि

हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के इस हमले की पुष्टि की। हालांकि इस हमले में कितना नुकसान हुआ और कोई हताहत हुआ या नहीं, इस बारे में जानकारी सामने नहीं आई है। इस हमले के बाद अब हूती भी जल्द ही सऊदी अरब के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं। संगठन की तरफ से पहले ही धमकी दी जा चुकी है कि अगर सऊदी अरब ने यमन में अपनी सैन्य कार्रवाई बंद नहीं की, तो वो सऊदी अरब में पहले से भी ज़्यादा हमले करेंगे।

बढ़ेगा तनाव

सऊदी अरब इस इस हमले के बाद हूतियों से उसका तनाव बढ़ेगा। दोनों पक्षों के बीच चल रहा तनाव नया नहीं है। यमन में 2014 के आखिर में हूतियों ने सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया था। इसके बाद सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मार्च 2015 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में दखल दिया। तभी से दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। पिछले कुछ हफ्तों में दोनों पक्षों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। हूतियों को ईरान (Iran) का समर्थन प्राप्त है तो वहीँ सऊदी अरब की तरफ से यमन की सरकारी सेना को समर्थन दिया जाता है। इस वजह से हूती विद्रोहियों और यमन की सेना के बीच भी रुक-रूककर जंग होती रहती है।