
रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) 4 साल से ज़्यादा समय से चल रहा है और इसके जल्द रुकने के कोई आसार नज़र नहीं आ रहे हैं। दोनों देश लगातार एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं। इसी बीच अब रूस ने एक बार फिर यूक्रेन पर हमला किया है। रूसी सेना ने यूक्रेन में लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाते हुए देर रात ड्रोन्स दागे हैं।
रूस के हमले का वीडियो यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेन्स्की (Volodymyr Zelenskyy) ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। वीडियो शेयर करते हुए ज़ेलेन्स्की ने लिखा, "रूस लगातार हमारे एनर्जी सेक्टर, लॉजिस्टिक्स और ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले कर रहा है। इनके जवाब में हमारी कार्रवाई साफ तौर पर असरदार रही है। सिज़रान (Syzran) में रिफाइनरी को लेकर यूक्रेन की डिफेंस फोर्स की तरफ से नए नतीजे सामने आए हैं। टैगनरोग (Taganrog) में ड्रोन बनाने वाली फैक्ट्री पर भी हमला हुआ, साथ ही ओरयोल (Oryol) इलाके में ड्रोन तैयार करने और लॉन्च करने वाली जगह पर भी हमला किया गया। काला सागर (Black Sea) में भी टारगेट पर हमले किए गए। हमारी लंबी दूरी की कार्रवाई की कामयाबी के लिए मैं अपने हर सैनिक का शुक्रिया अदा करता हूं।"
"इससे पहले अमेरिका ने रूस के VTB बैंक के बारे में भी एक अहम फ़ैसला लिया। यह रूस के मुख्य बैंकों में से एक है, जो रूस के युद्ध और खासकर ईरानी सरकार के साथ उसके रिश्तों को मज़बूत करने वाली योजनाओं में काफी हद तक शामिल है। शांति के ख़िलाफ काम करने वाली ऐसी सभी योजनाओं को सच में खत्म करने की ज़रूरत है। इस अहम कदम के लिए मैं अपने सहयोगियों का शुक्रिया अदा करता हूं।"
"इस युद्ध को खत्म करने का कोई दूसरा रास्ता नहीं है। रूस पर हर तरह के दबाव से सही कूटनीतिक हालात बनने चाहिए।"
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की से रूस में डीज़ल और अन्य एनर्जी ठिकानों पर हमले बंद करने के लिए कहा क्योंकि उनका मानना है कि इस वजह से डीज़ल की कमी हो रही है। ट्रंप के अनुसार मिडिल ईस्ट में ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध की वजह से नहीं, बल्कि रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से डीज़ल की कमी हो रही है। इसके कुछ देर बाद ही ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन रूस के एनर्जी ठिकानों पर हमला न करने पर सहमत हो गया है। रूस भी ऐसा ही करने को तैयार हो गया है।