
रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) के निकट भविष्य में खत्म होने के कोई आसार नज़र नहीं आ रहे हैं। इस युद्ध को 4 साल से ज़्यादा समय हो चुका है, लेकिन शांति वार्ता की भी संभावना नहीं है। दोनों देश एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं। रूस शुरू से ही यूक्रेन को दहला रहा है, तो वहीँ पिछले कुछ समय में यूक्रेन ने भी रूस की सैन्य और आर्थिक क्षमता को कमजोर करने के लिए हमले तेज़ कर दिए हैं। यूक्रेन को कमजोर करने के लिए रूस ने भी हमले बढ़ा दिए हैं। आज, बुधवार, 2 सितंबर को कीव में एक यूनिवर्सिटी को निशाना बनाने के साथ ही रूस ने काला सागर (Black Sea) में भी एक जहाज पर हमला किया है।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि काला सागर में जिस जहाज पर रूसी सेना ने हमला किया, वो यूक्रेन के लिए हथियार, गोला-बारूद ले जा रहा था। इन हथियारों, गोला-बारूद का इस्तेमाल रूस के खिलाफ किया जाना था।
काला सागर में यूक्रेन की सेना के लिए हथियार ले जा रहे जहाज पर हमले के साथ ही रूस की सेना ने यूक्रेन में कुछ अन्य जगहों पर भी हमले किए, जिनके बारे में रूसी रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी। रूसी सेना ने कीव क्षेत्र के विश्नेवोये में एरिडॉन लॉजिस्टिक्स सेंटर, जिसका इस्तेमाल यूक्रेनी सैन्य कार्गो को स्टोर करने और बांटने के लिए किया जाता है, पर हवाई हमला किया।
इसके साथ ही कीव क्षेत्र में डुडार्कोव के पास एफएम लॉजिस्टिक्स निप्रॉ लॉजिस्टिक्स सेंटर, जहाँ के वेयरहाउस का इस्तेमाल यूक्रेनी सेना के लिए दोहरे इस्तेमाल वाले सामान और बिना पायलट वाले हवाई वाहनों के पार्ट्स को स्टोर करने के लिए किया जाता था, पर भी रूसी सेना ने हवाई हमला किया।
इसके अलावा कीव क्षेत्र के कोरचेवाटोये में लॉजिस्टिक्स सेंटर, जहाँ यूक्रेन की सेना के लिए सामान रखा और बांटा जाता है, पर भी रूसी सेना ने हवाई हमला किया। इसके अलावा चेर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर यूक्रेनी सेना के लिए सैन्य उपकरणों वाले एक कार्गो जहाज को भी रूसी सेना ने निशाना बनाया। इतना ही नहीं, ओडेसा बंदरगाह पर सैन्य सामान वाले डिपो पर भी रूसी सेना ने एयरस्ट्राइक की।