Conflict: रूस ने पुतिन के वैल्डाई निवास पर 91 यूक्रेनी ड्रोनों के हमले का दावा कर हड़कंप मचा दिया है। ट्रंप और जेलेंस्की की शांति वार्ता के बीच इस घटना ने तीसरे विश्व युद्ध के खतरे को और बढ़ा दिया है।
Warzone: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा संघर्ष साल 2025 (Russia Ukraine War) के अंतिम दिनों में एक बहुत संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। मॉस्को ने दावा किया है कि यूक्रेन ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के 'वैल्डाई' स्थित निजी निवास (Valdai Residence)को निशाना बनाने के लिए 90 से अधिक ड्रोनों के साथ एक बड़ा हमला (Drone Attack) किया। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इसे "राजकीय आतंकवाद" करार देते हुए चेतावनी दी है कि अब शांति वार्ता (Donald Trump Peace Plan) की शर्तों पर दोबारा विचार किया जाएगा। हालांकि, इस घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और स्वतंत्र रिपोर्टों में कई विरोधाभास सामने आ रहे हैं।
रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बीती रात नोवगोरोड क्षेत्र में स्थित पुतिन के आवास की ओर 91 ड्रोन भेजे गए थे। रूसी पक्ष का कहना है कि उनकी हवाई रक्षा प्रणालियों ने सभी ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया और राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित हैं। दूसरे पहलू के अनुसार कहा जा रहा है कि यह दावा केवल मौखिक बयानों तक सीमित है; रूस ने इस बार 2023 की क्रेमलिन घटना जैसा कोई वीडियो साक्ष्य जारी नहीं किया है।
यूक्रेन ने इन आरोपों को "सरासर झूठ" और रूसी दुष्प्रचार करार दिया है। क्यिव (Kyiv) के अधिकारियों का कहना है कि रूस ऐसे दावे केवल इसलिए कर रहा है, ताकि वह अपनी जनता का युद्ध की विफलताओं से ध्यान हटा सके। वहीं, पश्चिमी विश्लेषकों और स्थानीय निवासियों की ओर से भी किसी बड़े धमाके या हवाई गतिविधि की पुष्टि नहीं की गई है, जिससे यह पूरा मामला 'फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन' (स्वयं पर हमला दिखावा) होने के संदेह के घेरे में आ गया है।
यह विवाद उस समय पैदा हुआ है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध विराम के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर रहे हैं। हाल ही में ट्रंप की जेलेंस्की से मुलाकात हुई थी, जिसके बाद उन्होंने पुतिन से भी फोन पर चर्चा की।
रूसी पक्ष का दावा: पुतिन ने ट्रंप को इस कथित हमले की जानकारी दी।
ट्रंप की प्रतिक्रिया: सार्वजनिक रूप से ट्रंप ने कहा है कि वे इन विवरणों की गहन जांच करवा रहे हैं और बिना सुबूतों के किसी नतीजे पर नहीं पहुंचेंगे।
चाहे यह दावा सच हो या रणनीतिक, एक बात साफ है कि 2026 की दहलीज पर खड़ा यह युद्ध अब पूरी तरह 'ड्रोन वॉर' में तब्दील हो चुका है। आत्मघाती ड्रोनों का इतनी बड़ी संख्या में इस्तेमाल होना सुरक्षा प्रणालियों के लिए एक नई और गंभीर चुनौती है। इसके चलते मॉस्को और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को 'अभेद्य' बनाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
आम जनता और वैश्विक बाजार में इस खबर ने हलचल मचा दी है। यदि यह हमला हकीकत था, तो यह रूस की संप्रभुता पर बहुत बड़ा प्रहार माना जाएगा। लेकिन यदि यह रूस की कोई चाल है, तो यह आने वाले दिनों में यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर किसी भीषण हमले का आधार बन सकता है। सोशल मीडिया पर लोग इसे 2023 की क्रेमलिन घटना से जोड़ कर देख रहे हैं, जहां रूस ने पुतिन की हत्या की कोशिश करने का दावा किया था।
ताजा अपडेट के अनुसार, रूस के कड़े तेवरों के बाद यूक्रेन के कीव और अन्य प्रमुख शहरों में हवाई हमले के सायरन फिर से बजने लगे हैं। संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है, क्योंकि कोई भी गलत कदम तीसरे विश्व युद्ध की चिंगारी भड़का सकता है।
बहरहाल, इस पूरे विवाद का एक और कोण 'शांति वार्ता' को बाधित करना भी हो सकता है। जानकारों का मानना है कि रूस में कुछ कट्टरपंथी गुट नहीं चाहते कि ट्रंप की मध्यस्थता से युद्ध रुके। ऐसे में 'पुतिन पर हमले' जैसे दावे वार्ता की मेज पर रूस की स्थिति मजबूत करने या उसे पूरी तरह खत्म करने का एक हथियार हो सकते हैं।