
अमेरिका-इजराइल के साथ गंभीर तनाव के बावजूद में ईरान ने अपने बुशहर परमाणु संयंत्र में काम जारी रखा है। बता दें कि ईरान के इस ठिकाने पर पहले कई हमले हो चुके हैं।
इस बीच, रूस ने भी बड़ा बयान दिया है। तेहरान स्थित रूसी दूतावास ने उन खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि रूसी दूतावास के कर्मचारी और बुशहर परमाणु संयंत्र में काम करने वाले रूसी विशेषज्ञ वहां से निकलने की तैयारी कर रहे हैं। रूस ने इन खबरों को पूरी तरह फर्जी बताया है।
बता दें कि ईरान में परमाणु प्लांट के आसपास सुरक्षा हालात को लेकर चिंता जताई जा रही थी, लेकिन रूस के ताजा बयान ने सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है।
साथ ही रूसी दूतावास ने यह भी कहा कि उसके कर्मचारी और बुशहर परमाणु पावर प्लांट में काम कर रहे रूसी विशेषज्ञों की फिलहाल वहां से निकलने की कोई योजना नहीं है।
दूतावास ने अपने बयान में कहा कि न तो दूतावास के कर्मचारी और न ही बुशहर परमाणु संयंत्र में काम करने वाले रूसी विशेषज्ञों की निकासी की कोई योजना है। वहां काम सामान्य रूप से जारी है।
बता दें कि बुशहर परमाणु बिजली संयंत्र ईरान के सबसे अहम परमाणु ठिकानों में से एक है। यह देश का एकमात्र चालू परमाणु बिजली संयंत्र है। यहां बनने वाली बिजली ईरान की ऊर्जा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
इस संयंत्र के निर्माण और संचालन में रूस की अहम भूमिका रही है। रूसी विशेषज्ञ यहां तकनीकी कामकाज से जुड़े हैं। ऐसे में इस ठिकाने पर किसी भी हमले या सुरक्षा संकट का असर केवल ईरान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि रूस के हितों से भी जुड़ जाता है।
ईरान और रूस के बीच परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में लंबे समय से सहयोग रहा है। यही वजह है कि बुशहर संयंत्र से जुड़ी किसी भी बड़ी खबर पर दोनों देशों की नजर रहती है।
मौजूदा संघर्ष के दौरान ईरान के इस परमाणु ठिकानों पर कई बार हमले हो चुके हैं। सुरक्षा के मद्देनजर यह माना जा रहा था कि रूस भी वहां बढ़ते खतरे को देखते हुए अपने लोगों को हटाने की तैयारी कर रहा है। लेकिन रूसी दूतावास ने ऐसी किसी योजना से इनकार किया है।