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भारत और रूस संबंधो को लेकर भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर का बयान, कहा- “हमारी भागीदारी और गहरी होती जा रही…”

भारत और रूस के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 2030 तक व्यापार 100 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य बताया। दोनों देश वैश्विक मंचों पर सहयोग बढ़ा रहे हैं और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने की तैयारी में हैं।

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Mar 23, 2026
S. Jaishankar(Image-ANI)

Russia India Relation: भारत और रूस के रिश्तों को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर का ताजा बयान सामने आया है। उनका बयान कई मायनों में अहम माना जा रहा है। बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच उन्होंने साफ कहा कि दोनों देशों की साझेदारी अब पहले से ज्यादा गहरी हो रही है। उनके इस बयान से यह संकेत मिलता है कि आने वाले वर्षों में भारत और रूस अपने रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की तैयारी में हैं। जयशंकर ने खास तौर पर व्यापार पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि दोनों देशों का लक्ष्य है कि 2030 तक आपसी व्यापार को बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक पहुंचाया जाए। फिलहाल यह आंकड़ा करीब 68.7 अरब डॉलर है। लेकिन इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कुछ अड़चनें भी हैं। उन्होंने कहा कि गैर-टैरिफ बाधाओं और नियमों से जुड़ी मुश्किलों को हटाना बेहद जरूरी होगा।

Russia India Relation: रूस के विदेश मंत्री ने क्या कहा?


इस दौरान रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी भारत की तारीफ की। उन्होंने भारत की स्वतंत्र विदेश नीति को सराहा और कहा कि रूस भारत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए तैयार है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित रूस दौरे को लेकर उत्साह भी जताया। जयशंकर ने यह भी बताया कि भारत और रूस सिर्फ द्विपक्षीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक मंचों पर भी साथ मिलकर काम कर रहे हैं। चाहे वह ब्रिक्स हो, शंघाई सहयोग संगठन (SCO), जी20 या फिर संयुक्त राष्ट्र, हर जगह दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ रहा है। उन्होंने इसे एक उभरती हुई बहुध्रुवीय दुनिया के लिए जरूरी बताया।

जयशंकर ने दिया यह संकेत


उन्होंने पुराने रिश्तों को याद करते हुए कहा कि भारत और रूस के बीच भरोसे और सम्मान पर आधारित एक खास रणनीतिक साझेदारी रही है। यह रिश्ता सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दशकों से दोनों देशों ने एक-दूसरे का साथ दिया है—चाहे बात सुरक्षा की हो, अर्थव्यवस्था की या फिर वैश्विक स्थिरता की। जयशंकर ने यह भी संकेत दिया कि भारत-यूरेशियन आर्थिक संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की जरूरत है। इसके अलावा उन्होंने कुशल भारतीय कार्यबल की भूमिका पर भी जोर दिया, जो इस साझेदारी को और मजबूत बना सकता है। पिछले साल दिसंबर में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के बाद दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के लिए एक 5 साल का रोडमैप भी तैयार किया था। अब उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए दोनों देश अपने रिश्तों को और मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

Published on:
23 Mar 2026 11:11 pm
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