
बालेंद्र शाह (फोटो- एएनआई)
नेपाल में नई सोच और युवा शक्ति के प्रति लोगों ने अपना पूरा विश्वास जताया और इसी के चलते अब देश की बागडोर एक 35 साल के प्रधानमंत्री के हाथ में आ गई है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता बालेंद्र शाह ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। रैपर से राजनेता बने शाह इसी के साथ देश के सबसे युवा पीएम बन गए है। शाह की नियुक्ति नेपाल की राजनीति में एक बड़े परिवर्तन का प्रतीक मानी जा रही है। राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने संविधान के अनुच्छेद 76(1) के तहत शाह को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई। इसी के साथ शाह नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री बन गए हैं।
हाल ही में हुए संसदीय चुनावों में शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने लगभग दो-तिहाई बहुमत के साथ शानदार जीत दर्ज की। पार्टी ने 275 में से 182 सीटें जीतकर अपनी मजबूत स्थिति बनाई। इस जीत के पीछे बालेंद्र शाह की लोकप्रियता को बड़ा कारण माना जा रहा है। युवा मतदाताओं ने बड़ी संख्या में उनका समर्थन किया, जिससे देश की राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव स्पष्ट नजर आ रहा है। शाह का राजनीतिक सफर 2022 में काठमांडू के मेयर चुनाव से शुरू हुआ था, जहां उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी।
शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को झापा-5 सीट से बड़े अंतर से हराया। उन्होंने 68,348 वोट हासिल किए, जबकि ओली को 18,734 वोट मिले। यह अंतर नेपाल के चुनावी इतिहास में सबसे बड़े अंतर में से एक माना जा रहा है। यह जीत केवल एक राजनीतिक सफलता नहीं बल्कि जनता के विश्वास का संकेत भी है। चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी ने शाह को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था, जिससे मतदाताओं में स्पष्ट नेतृत्व की छवि बनी।
प्रधानमंत्री पद की शपथ काठमांडू स्थित राष्ट्रपति कार्यालय में पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के बीच संपन्न हुई। इस दौरान शंखनाद, स्वस्ति शांति पाठ और बौद्ध मंत्रों का उच्चारण किया गया। 108 वैदिक पुरोहितों ने वैदिक मंत्रों का पाठ किया, जबकि 16 बौद्ध भिक्षुओं ने अष्टमंगल का जाप किया। यह आयोजन नेपाल की बहुसांस्कृतिक और धार्मिक समन्वय की परंपरा को दर्शाता है।
बालेंद्र शाह का जन्म 27 अप्रैल 1990 को काठमांडू में हुआ। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद भारत के विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया। उनकी तकनीकी शिक्षा ने उन्हें शहरी विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर की बेहतर समझ दी, जिसका उपयोग उन्होंने काठमांडू के मेयर के रूप में किया। उनके कार्यकाल में शहर के विकास और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया गया।
35 वर्षीय शाह दुनिया के सबसे युवा प्रधानमंत्रियों में से एक हैं। उनके अलावा 40 से कम की उम्र में अपने देश का प्रधानमंत्री बनने वाले नेताओं में ब्रिटेन के विलियम पिट द यंगर शामिल है जिन्होंने 1783 में 24 साल की उम्र में पीएम पद की शपथ ली थी। इसके अलावा ऑस्ट्रिया के सेबस्टियन कुर्ज़ ने 2017 में 31 साल की उम्र में, पोलैंड के वाल्डेमर पावलक ने 1992 में 32 साल की उम्र में, फिनलैंड के सना मारिन ने 2019 में 34 साल की उम्र में, यूक्रेन के ओलेक्सी होन्चारुक ने 2019 में 35 साल की उम्र में और पाकिस्तान की बेनजीर भुट्टो ने 1988 में 35 साल की उम्र में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी।
Updated on:
27 Mar 2026 01:56 pm
Published on:
27 Mar 2026 12:21 pm
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