
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच फिलहाल भले ही हमले रुके हुए हैं, लेकिन युद्ध का स्थायी अंत नहीं हुआ है। दोनों देशों के बीच एक बार फिर जंग छिड़ने का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) देश में मिडटर्म चुनाव के बाद फिर से ईरान पर हमले शुरू कर सकते हैं। अगर ऐसा हुआ, तो एक बार फिर तबाही का सिलसिला शुरू हो जाएगा। मध्यस्थ दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कराने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच अब इस मामले में रूस (Russia) की तरफ से बड़ा बयान सामने आया है।
ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता कराने के लिए रूस तैयार है। क्रेमलिन (Kremlin) के एक प्रवक्ता ने इस मामले में बयान देते हुए कहा है कि अगर रूस से ऐसा करने के लिए पूछा जाए, तो हम ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
रूस और ईरान के बीच अच्छे संबंध हैं। तेहरान में कुछ दिन पहले ही ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Sergey Lavrov) की मुलाकात हुई। मुलाकात के बाद संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग के दौरान लावरोव ने दोनों देशों के बीच 20 साल की रणनीतिक पार्टनरशिप, जो 2 अक्टूबर, 2026 से प्रभाव में आई है, के प्रति रूस की प्रतिबद्धता जाहिर की। वहीँ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच भी लंबे समय से दोस्ती है। हालांकि रूस-यूक्रेन युद्ध के मामले में दोनों के बीच मतभेद ज़रूर आए और इसी वजह से ट्रंप ने कई बार रूस पर सख्त प्रतिबंध भी लगाए, लेकिन इसके बावजूद ट्रंप ने इस युद्ध में कई मौकों पर रूस को इन प्रतिबंधों से कुछ हद तक राहत भी दी। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि अगर रूस को मौका मिले, तो वो ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता करा सकता है। हालांकि ऐसा होने की ज़्यादा उम्मीद नहीं है क्योंकि अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद एक बार फिर दोनों देशों के बीच जंग छिड़ने की संभावना है।