
रूस और यूक्रेन के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर यूरोप की भूमिका पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। क्रेमलिन ने शुक्रवार को यूरोपीय देशों पर तंज कसते हुए कहा कि वे अभी तक यह भी तय नहीं कर पाए हैं कि यूक्रेन की सुरक्षा और यूरोप के सुरक्षा ढांचे पर होने वाली बातचीत में उनकी तरफ से कौन प्रतिनिधित्व करेगा।
रूस का यह बयान ऐसे समय आया है, जब यूक्रेन युद्ध को खत्म करने और भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था तय करने को लेकर अमेरिका, यूक्रेन, नाटो और यूरोपीय सहयोगियों के बीच बातचीत चल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी गुरुवार को एक बड़े समझौते की संभावना जताई थी, जिसमें पूरे यूरोप की भागीदारी हो सकती है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यूक्रेन और रूस के बीच भविष्य में सुरक्षा गारंटी को लेकर चर्चा होगी तो यूरोपीय देशों को भी उसमें शामिल करना जरूरी होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यूरोप अभी तक यह तय नहीं कर पाया है कि उसकी ओर से बातचीत की अगुवाई कौन करेगा।
पेस्कोव ने कहा कि रूस को यूरोपीय देशों की ओर से अब तक कोई ठोस प्रस्ताव नहीं मिला है। उन्होंने कहा- यूरोप की तरफ से हमें किसी तरह के विचार या प्रस्ताव की जानकारी नहीं है।
रूस ने भले ही यूरोप पर सवाल उठाए हों, लेकिन क्रेमलिन ने यह भी माना है कि यूक्रेन युद्ध के समाधान के लिए होने वाली बातचीत में यूरोपीय देशों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
पेस्कोव ने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच जब भी एक-दूसरे की सुरक्षा की गारंटी और यूरोप के भविष्य के सुरक्षा ढांचे पर चर्चा होगी, तब यूरोपीय देशों की भागीदारी जरूरी होगी।
दरअसल, यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। यूक्रेन चाहता है कि युद्ध खत्म होने के बाद उसे ऐसी सुरक्षा गारंटी मिले, जिससे भविष्य में रूस की ओर से दोबारा हमला होने का खतरा कम हो सके। वहीं, यूरोपीय देश भी अपने क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर नई व्यवस्था चाहते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक संभावित बड़े समझौते की बात कही थी। उन्होंने संकेत दिया कि इस समझौते में यूरोप के सभी देश शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इस प्रस्ताव की शर्तों और बातचीत के अगले चरण को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
इससे पहले ब्रसेल्स में अमेरिका, यूक्रेन, नाटो और यूरोपीय सहयोगी देशों के प्रतिनिधियों ने यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी और यूरोप की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की थी।