अफगानिस्तान के आतंकी संगठन तालिबान को रूस आतंकी संगठनों की अपनी लिस्ट से हटाने जा रहा है। इसके साथ ही रूस अब तालिबान के साथ द्विपक्षीय संबंध भी स्थापित करने की तैयारी में है।
दुनियाभर में सबसे खूंखार आतंकी संगठनों में तालिबान (Taliban) का नाम भी शामिल है। तालिबान अफगानिस्तान (Afghanistan) बेस्ड इस्लामिक आतंकी संगठन है। 15 अगस्त, 2021 को तालिबान ने जब अफगानिस्तान में तख्तापलट करते हुए सत्ता पर कब्ज़ा जमा लिया, तब से ही तालिबान पूरी तरह से ग्लोबल स्तर पर चर्चा में आ गया। तालिबान के अफगानिस्तान में सत्ता में लौटते ही सबकुछ बदल गया है और इस वजह से देश की जनता का भी बुरा हाल है। दुनिया के ज़्यादातर देशों ने तालिबान को आतंकी संगठन घोषित किया हुआ है। पर अब रूस (Russia) आतंकी संगठनों की अपनी लिस्ट से तालिबान को हटाने जा रहा है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Sergey Lavrov) ने इस बारे में जानकारी दी। इस बारे में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने भी बात करते हुए एक बड़ी बात कही।
रूस करेगा तालिबान से द्विपक्षीय संबंध स्थापित
रूस ने 2003 में तालिबान को बैन किया था और उसे आतंकी संगठनों की लिस्ट में दाल दिया था। पर तालिबान के अमेरिका से बिगड़े संबंधों के चलते भी रूस और तालिबान के संबंधों में सुधार हुआ। हाल ही में जब पुतिन से तालिबान को आतंकी संगठनों की लिस्ट से हटाने के रूस के फैसले के बारे में पूछा तो पुतिन ने साफ कर दिया कि एक देश के तौर पर रूस के लिए ज़रूरी है कि वो दूसरे देशों से द्विपक्षीय संबंध स्थापित करें, और चूंकि अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार है तो रूस को तालिबान के साथ द्विपक्षीय संबंध स्थापित करने हैं। पुतिन ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान की सरकार में रहते हुए तालिबान ने सही काम किया है और ऐसे में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध स्थापित करना एक सही कदम है।
तालिबान प्रतिनिधि करेंगे रूस का दौरा
रूस में 5 से 8 जून के बीच सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशन इकोनॉमिक फोरम का आयोजन होगा। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए तालिबान सरकार को भी आमंत्रण भेजा गया है। ऐसे में रूस से संबंधों को बढ़ाने के लिए तालिबान प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रूस का दौरा करेंगे।
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