
Russia UkraineNegotiations: रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि रूस यूक्रेन मुद्दे पर समझौता करने के लिए तैयार है, लेकिन अपनी सीमाओं पर NATO की मौजूदगी रोकने के अपने मूल रुख में कोई बदलाव नहीं करेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका की मध्यस्थता से संघर्ष विराम की उम्मीदें फिर से जागी हैं।
यूक्रेन मामले पर राजदूतों की गोलमेज चर्चा में लावरोव ने कहा कि रूस उचित दायरे में समझौते करने को तैयार है, लेकिन उसके मूल लक्ष्य- अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना और सीमाओं पर NATO की मौजूदगी रोकना- अपरिवर्तित हैं। उन्होंने अमेरिका की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वाशिंगटन संघर्ष की मूल वजहों को समझता है, जबकि बाकी पश्चिमी देश ऐसा नहीं करते। लावरोव ने यह भी दोहराया कि रूस ने कभी बातचीत से इनकार नहीं किया और द्विपक्षीय व त्रिपक्षीय, दोनों फॉर्मेट में चर्चा के लिए तैयार है। यह जानकारी शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने साझा की।
दूसरी ओर, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि यदि रूस भी वैसा ही रुख अपनाए तो कीव कुछ हमले रोकने को तैयार है। उन्होंने X पर लिखा कि अगर सहयोगी यह सुनिश्चित कर सकें कि रूस बिजली व्यवस्था, ऊर्जा सुविधाओं, अहम बुनियादी ढांचे और खाद्य आपूर्ति मार्गों पर हमले वाकई बंद करेगा, तो यूक्रेन भी अपने हमले रोकने को तैयार है। जेलेंस्की ने जोर दिया कि कोई भी आंशिक युद्धविराम भरोसेमंद और स्थायी होना चाहिए, और रूस के आगामी चुनावों के बाद भी कायम रहे।
क्रेमलिन ने इस पहल का स्वागत किया। प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि नागरिक आर्थिक बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने की कीव की किसी भी अपील का स्वागत है। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य देश कीव पर प्रभाव डालकर उसे अधिक लचीलापन दिखाने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं, जो समाधान प्रक्रिया में अहम योगदान साबित होगा। इससे पहले दिन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि यूक्रेन और रूस ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। उन्होंने 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि यूक्रेन रूसी ऊर्जा ठिकानों पर हमला न करने पर राज़ी हो गया है और रूस ने भी इसी तरह की सहमति दी है।