
यमन (Yemen) के हूती विद्रोहियों (Houthis) और सऊदी अरब (Saudi Arabia) के बीच हालात बिगड़ते ही जा रहे हैं। दोनों पक्षों की तरफ से एक के बाद एक हमले किए जा रहे हैं, जिससे जंग जैसी स्थिति बन गई है। पिछली रात सऊदी अरब बे यमन की एक जेल पर हमला किया। हूती विद्रोहियों ने इस हमले की जानकारी दी और बताया कि अल-जौफ प्रांत के अल-हजम शहर में एक जेल को पिछली रात सऊदी अरब ने निशाना बनाया।
हूतियों की तरफ से जानकारी दी गई कि अल-जौफ प्रांत के अल-हजम शहर में स्थित जेल पर सऊदी अरब के हमले में 9 कैदी मारे गए। हूती अधिकारी अब्देलकादर अल-मुर्तदा ने बयान जारी करते हुए इस बारे में जानकारी दी। अल-मुर्तदा के अनुसार मारे गए कैदी हाल के संघर्षों के दौरान गिरफ्तार किए गए थे। सऊदी अरब की ओर से फिलहाल इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
सऊदी अरब पर हूतियों के हमले भी जारी हैं। हूती विद्रोही सऊदी अरब में सैन्य और तेल के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। ऐसा सऊदी अरब की सैन्य क्षमता को कम करने से साथ ही आर्थिक क्षमता को भी चोट पहुंचाना है, क्योंकि सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था में तेल की अहम भूमिका है। हूती मिलिट्री के प्रवक्ता याह्या सरी (Yahya Saree) ने कुछ दिन पहले ही सऊदी अरब को चेतावनी दी थी कि अगर यमन पर हमले रोके नहीं गए, तो हूतियों की तरफ से उन पर और ज़्यादा हमले किए जाएंगे। पिछली रात यमन की जेल पर सऊदी अरब के हमले के बाद अब हूतियों की तरफ से जल्द ही जवाबी कार्रवाई की जा सकती है।
यमन में संघर्ष 2014 के आखिर में तब शुरू हुआ जब हूतियों ने सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया। इसके बाद सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मार्च 2015 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में दखल दिया। तभी से दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। हूतियों को ईरान (Iran) का समर्थन प्राप्त है तो वहीँ यमन की सेना को सऊदी अरब का समर्थन प्राप्त है।