
सऊदी अरब की राजधानी रियाद को निशाना बनाकर यमन के हूती विद्रोहियों ने बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें दागीं हैं। हालांकि, सऊदी अरब की एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते कार्रवाई करते हुए इन मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। इस हमले के बाद सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ने की उम्मीद है।
सऊदी अरब के नेतृत्व वाली सेना ने रविवार को इसकी जानकारी दी। सेना के मुताबिक, हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गई कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया है। हमले का मुख्य निशाना राजधानी रियाद और देश का पूर्वी प्रांत था।
सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद की तरफ दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। सऊदी अरब की एयर डिफेंस प्रणाली ने दोनों मिसाइलों को रास्ते में ही रोककर नष्ट कर दिया।
उन्होंने आगे बताया कि हूतियों की ओर से दागी गई एक अन्य बैलिस्टिक मिसाइल को भी इंटरसेप्ट किया गया। इसे सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत की दिशा में लॉन्च किया गया था। इस तरह शुरुआती जानकारी में तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट किए जाने की पुष्टि हुई।
मामला यहीं नहीं रुका। सेना ने बाद में जानकारी दी कि हूती विद्रोहियों ने रियाद और सऊदी अरब के दक्षिणी इलाके को निशाना बनाकर दो क्रूज मिसाइलें भी दागीं।
सऊदी अरब की एयर डिफेंस ने इन दोनों मिसाइलों को भी हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया। इस तरह अलग-अलग हमलों में बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों को मिलाकर कम से कम पांच मिसाइलों को मार गिराने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि, सेना की ओर से इन हमलों में किसी के हताहत होने या किसी इमारत और सैन्य ठिकाने को नुकसान पहुंचने की विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
यमन में सक्रिय हूती विद्रोही संगठन को ईरान का समर्थन हासिल है। यह संगठन लंबे समय से यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और उसके सहयोगी देशों के खिलाफ संघर्ष कर रहा है।
सऊदी अरब भी यमन के गृहयुद्ध में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। सऊदी नेतृत्व वाली सेना हूतियों के खिलाफ सैन्य अभियान चला चुका है। दोनों पक्षों के बीच पहले भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं।