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अब शार्क बताएगी कितना शक्तिशाली है तूफान, वैज्ञानिक कर रहे हैं अनोखा प्रयोग

अगर आपको कोई कहे कि तूफान कितना शक्तिशाली है, इस बारे में शार्क बताएगी, तो शायद भरोसा न हो। लेकिन अमेरिका के वैज्ञानिक इससे जुड़ा एक अनोखा प्रयोग करने जा रहे हैं।
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Aug 12, 2026
Cyclonic storm
साइक्लोनिक तूफान (Photo - ANI)

फिल्मों में इंसानों के लिए खौफ का मंजर बनकर दिखने वाली शार्क (Shark) अब जान बचाने का ज़रिया बन सकती है। अमेरिका (United States of America) के वैज्ञानिक शार्क को एक नए तरह का 'मौसम दूत' बनाने का अनोखा प्रयोग कर रहे हैं, जो समुद्र के गहरे पानी से चक्रवात और भीषण तूफानों की सटीक जानकारी सीधे सैटेलाइट तक पहुंचाएगी। पढ़कर हैरानी होना स्वाभाविक है, लेकिन यह सच है।

शार्क का कैसे किया जाएगा इस्तेमाल?

डेलावेयर यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अमेरिका के पूर्वी तट पर घूमने वाली शार्क के पंखों पर खास सेंसर (सीटीडी टैग) लगाए हैं। यह छोटा सा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण समुद्र के अंदर पानी का तापमान, खारेपन का स्तर और गहराई का सटीक आंकड़ा जुटाता है। जैसे ही शार्क तैरते हुए समुद्र की सतह पर आती है, यह टैग अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट से जुडकऱ सारा डेटा वैज्ञानिकों के कंट्रोल रूम तक भेज देता है। वैज्ञानिकों के अनुसार शार्क को पकड़कर उसके पंख पर टैग लगाने में 5 मिनट से भी कम समय लगता है। इन टैग्स को ऐसे सुरक्षित मैटीरियल से बनाया गया है जो कुछ समय बाद खुद गलकर गिर जाते हैं, जिससे शार्क को कोई नुकसान या दर्द नहीं होता। इस काम के लिए ब्लू शार्क, हैमरहेड और ग्रेट व्हाइट शार्क जैसी प्रजातियों को चुना गया है, जो अक्सर पानी की सतह पर आती रहती हैं। शार्क की मदद से तूफान की शक्ति का पता लगाया जाएगा।

समुद्र का गर्म पानी देता है तूफान को शक्ति

रिसर्च टीम के प्रमुख वैज्ञानिक के अनुसार, चक्रवात की असली शक्ति समुद्र की ऊपरी परत में छिपी गर्मी से तय होती है। अगर पानी ज़्यादा गर्म है, तो तूफान बेहद खतरनाक रूप ले सकता है। शार्क समुद्र के उन इलाकों और गहराइयों में आसानी से चली जाती हैं, जहाँ इंसानी मशीनों का हर वक्त पहुंचना मुमकिन नहीं होता।

फिल्मी डर से अलग मददगार साथी

आमतौर पर फिल्मों में शार्क को खतरनाक और डरावने जीव के रूप में दिखाया जाता है, लेकिन रिसर्च टीम की एक सदस्य ने बताया कि असल ज़िंदगी में शार्क काफी शांत और मददगार हैं। इस रिसर्च से तटीय इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों को चक्रवातीय तूफान से पहले ही सटीक चेतावनी मिल सकेगी, जिससे जान-माल के भारी नुकसान से बचा जा सकेगा।

Updated on:
12 Aug 2026 05:44 am
Published on:
12 Aug 2026 05:44 am