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क्लिंटन की पाकिस्तान यात्रा का ‘सीक्रेट प्लान’! असली राष्ट्रपति कहां थे, सामने आया 26 साल पुराना राज

Decoy Aircraft: अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की वर्ष 2000 में पाकिस्तान यात्रा के दौरान डिकॉय एयरक्राफ्ट इस्तेमाल करने का खुलासा हुआ है।
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अमेरिका ने पाकिस्तान में ऐसे दिया दुनिया को धोखा, photo source@AI

Bill Clinton Decoy Plane: अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने वर्ष 2000 में पाकिस्तान की हाई-रिस्क यात्रा के दौरान एक डिकॉय (धोखा देने वाले) एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल किया था। क्लिंटन प्रशासन ने यात्रा से पहले पत्रकारों के लिए एक ब्रीफिंग की थी। व्हाइट हाउस की एक अनुभवी रिपोर्टर ने 26 साल बाद इसका खुलासा किया है।

‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ के अनुसार, उस समय व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन की प्रमुख रहीं सुसान पेज ने बताया कि राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के भारत से पाकिस्तान रवाना होने से पहले अधिकारियों ने उन्हें एक ‘ऑफ-द-रिकॉर्ड’ ब्रीफिंग के लिए बुलाया था।

पेज ने कहा, “उन्होंने मुझे वहां उड़ान भरने में मौजूद खतरों और उन खतरों से निपटने के लिए अपनाई जा रही खास सुरक्षा प्रक्रियाओं के बारे में बताया, जिसमें डिकॉय विमान का इस्तेमाल भी शामिल था। बेशक, ये खतरे राष्ट्रपति क्लिंटन के साथ-साथ यात्रा को कवर कर रहे पत्रकारों के लिए भी थे।

राष्ट्रपति ट्रंप ने भी बदला विमान

यह खुलासा ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ की एक रिपोर्ट के बाद हुआ है, जिसमें कहा गया था कि पिछले महीने तुर्की से रवाना होते समय ईरान से मिले खतरे की आशंका के कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुपके से अपना विमान बदल लिया था। मीडियाकर्मियों और व्हाइट हाउस के कई सहयोगियों को यही लगता रहा कि ट्रंप पुराने एयर फोर्स वन में ही सवार हैं।

अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप को एयरपोर्ट कैटरिंग ट्रक के जरिए बिना किसी निशान वाले एयर फोर्स C-32A विमान तक ले जाया गया, जबकि प्रेस प्रतिनिधियों और स्टाफ को ले जा रहा राष्ट्रपति का विमान डिकॉय के तौर पर इस्तेमाल किया गया। व्हाइट हाउस के आधिकारिक बयानों में पहले कहा गया था कि ट्रंप पुराने एयर फोर्स वन में सवार होकर तुर्की से रवाना हुए थे।

‘ऑफ-द-रिकॉर्ड’ नियम के कारण नहीं किया खुलासा

फिलहाल ‘USA टुडे’ की वॉशिंगटन ब्यूरो चीफ के तौर पर काम कर रहीं पेज ने कहा कि उन्होंने क्लिंटन के समय की उस बातचीत के बारे में बताने का फैसला इसलिए किया, क्योंकि दो दशक से ज्यादा समय बीत चुका है और इस्लामाबाद में क्लिंटन के उतरते ही वह धोखा सबके सामने आ गया था।

पेज ने कहा, “मैंने इस घटना के बारे में पहले कभी बात नहीं की, क्योंकि उस बातचीत के नियम ‘ऑफ-द-रिकॉर्ड’ थे। लेकिन चूंकि एक चौथाई सदी से ज्यादा का समय बीत चुका है और चूंकि राष्ट्रपति क्लिंटन के पाकिस्तान में उतरते ही वह चाल सबके सामने आ गई थी, इसलिए मुझे लगता है कि अब इसके बारे में बताना ठीक है।

यह था घटनाक्रम

मार्च 2000 में, एयर फोर्स वन के निशान वाला एक विमान इस्लामाबाद में टीवी कैमरों के सामने उतरा था। सबसे पहले एक सीक्रेट सर्विस अधिकारी बाहर निकला, जो दिखने में क्लिंटन जैसा था। उसके कुछ ही देर बाद बिना किसी निशान वाला एक विमान आया, जिससे असल में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति क्लिंटन बाहर निकले।