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US Iran Tension: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच ट्रंप का हॉर्मुज पर दावा, 90 डॉलर के करीब पहुंचा तेल

Oil Price 90 Dollar: हॉर्मुज पर अमेरिकी दावे और ईरान की सख्त शर्तों ने तनाव को नया मोड़ दे दिया है। तेल बाजार में हलचल बढ़ी तो इसका असर आगे पेट्रोल-डीजल, महंगाई और एशियाई अर्थव्यवस्थाओं तक पहुंच सकता है।
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भारत

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Manoj Vashisth

Aug 12, 2026

Donald Trump Iran, Strait of Hormuz

Donald Trump Iran: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच ट्रंप का हॉर्मुज पर दावा, 90 डॉलर के करीब पहुंचा तेल (फोटो सोर्स:@aljazeera.com)

Donald Trump Iran, Strait of Hormuz: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब सिर्फ कूटनीति और सैन्य दबाव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दिखने लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा करते हुए तेहरान पर भरोसा नहीं करने की बात कही है। इसी बीच शांति समझौते की उम्मीद कमजोर पड़ने से कच्चे तेल की कीमतें फिर ऊपर चढ़ रही हैं और बाजार में 90 डॉलर प्रति बैरल का स्तर चर्चा में आ गया है।

US Iran Tension: ट्रंप बोले- हॉर्मुज पर ‘सिर्फ अमेरिका’ का नियंत्रण

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद सख्त बयान दिया है। ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ स्थिति ठीक चल रही है, लेकिन उन्होंने तेहरान पर भरोसा करने से साफ इनकार किया।

ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना का हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण है और फिलहाल ईरान का इस क्षेत्र पर नियंत्रण नहीं है। उन्होंने अमेरिकी नौसेना की क्षमता की भी तारीफ की और इसे अपने देश के लिए अच्छा संकेत बताया।

ट्रंप ने ईरान के साथ अपने पुराने अनुभवों का हवाला देते हुए कहा कि वह ईरान पर भरोसा करने वाले आखिरी व्यक्ति होंगे। उनके मुताबिक, ईरान ने पहले कई मौकों पर अमेरिका से झूठ बोला है।

ईरान की शर्तों ने बिगाड़ा शांति समझौते का गणित

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर उम्मीदें कमजोर हुई हैं। हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने का मुद्दा बातचीत के केंद्र में है, लेकिन दोनों पक्षों की मांगों में बड़ा अंतर बना हुआ है।

हालिया रिपोर्टों के अनुसार ईरान का कहना है कि किसी समझौते के बावजूद जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलना अलग मुद्दा होगा। तेहरान अमेरिकी दबाव और कुछ अन्य शर्तों में बदलाव की मांग कर रहा है। यही वजह है कि बातचीत आगे बढ़ने के बावजूद वैश्विक बाजार इसे लेकर आश्वस्त नहीं हो पा रहा है।

तेल बाजार में फिर उबाल, 90 डॉलर के बेहद करीब पहुंचा ब्रेंट

भू-राजनीतिक तनाव का सबसे तत्काल असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार ब्रेंट क्रूड 72 सेंट यानी करीब 0.81 प्रतिशत बढ़कर 89.63 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI में 71 सेंट की तेजी दर्ज की गई और यह 83.91 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

इससे पहले मंगलवार को दोनों प्रमुख बेंचमार्क एक डॉलर से ज्यादा चढ़कर 31 जुलाई के बाद के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर बंद हुए थे। सोमवार को भी तेल कीमतों में करीब 5 प्रतिशत की जोरदार छलांग लगी थी।

अमेरिका के दावे बनाम ईरान की पकड़ असल तस्वीर क्या?

ट्रंप का दावा राजनीतिक और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन हॉर्मुज की स्थिति को केवल किसके नियंत्रण में है के सवाल से समझना आसान नहीं है। यह समुद्री मार्ग ईरान और ओमान के बीच स्थित है और यहां से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा, नौवहन व्यवस्था और क्षेत्रीय सैन्य मौजूदगी कई स्तरों पर प्रभाव डालती है।

हालिया घटनाक्रम में ईरान और ओमान के बीच हॉर्मुज से जुड़ी शिपिंग व्यवस्था को लेकर बातचीत की खबरें भी सामने आई हैं, लेकिन इससे जलडमरूमध्य के पूर्ण रूप से खुलने की गारंटी अभी नहीं बनी है।

फिलहाल ट्रंप का पूरा नियंत्रण वाला दावा और ईरान की हॉर्मुज को लेकर सख्त स्थिति यह संकेत दे रही है कि संकट का सबसे अहम अध्याय अभी खत्म नहीं हुआ है। बाजार के लिए असली राहत बयान से नहीं, बल्कि हॉर्मुज में नियमित जहाज आवाजाही और अमेरिका-ईरान के बीच ठोस समझौते से आएगी।

स्रोत: aljazeera.com