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ईरान का डर या सुरक्षा अलर्ट? डोनाल्ड ट्रंप ने बदला था विमान, अब खुद बताई वजह

Donald Trump plane change due to Iran threat: ईरान से संभावित खतरे के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्किये दौरे के दौरान विमान बदला था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर यह फैसला लिया।
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Donald trump Latest update.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo- IANS)

Donald Trump Iran threat: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तुर्किये यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर एक बेहद गोपनीय ऑपरेशन सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अब स्वीकार किया है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर उन्हें एक विमान से दूसरे विमान में ले जाया गया था। उन्होंने कहा कि वह सीक्रेट सर्विस और सेना की सलाह का पालन करते हैं और उन्हें लगा था कि कोई खतरा मौजूद है।

यह मामला उस समय का है जब डोनाल्ड ट्रंप तुर्किये में नाटो शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद अमेरिका लौट रहे थे। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान की ओर से संभावित खतरे की आशंका के चलते राष्ट्रपति की यात्रा को लेकर सुरक्षा रणनीति बदली गई थी। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप को निशाना बनाए जाने की एक विश्वसनीय आशंका सामने आई थी।

पहले पुराने एयर फोर्स वन में सवार हुए डोनाल्ड ट्रंप

तुर्किये से वापसी के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कतर से मिले नए बोइंग 747-8 विमान के बजाय पुराने एयर फोर्स वन का इस्तेमाल किया। उस समय विमान बदलने की वजह को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए थे। डोनाल्ड ट्रंप ने भी शुरुआत में सुरक्षा खतरे को इसकी वजह नहीं बताया था।

बाद में सामने आई रिपोर्टों में दावा किया गया कि यह सिर्फ विमान बदलने का सामान्य फैसला नहीं था। सुरक्षा टीम ने डोनाल्ड ट्रंप की वास्तविक यात्रा को छिपाने के लिए एक गोपनीय योजना तैयार की थी।

कैटरिंग कंटेनर के जरिए बदला विमान

रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप को पुराने एयर फोर्स वन से बेहद गुप्त तरीके से बाहर निकाला गया और एक कैटरिंग वाहन के जरिए दूसरे विमान तक पहुंचाया गया। इसके बाद उन्होंने छोटे C-32A विमान से यात्रा की। इस पूरी कार्रवाई का उद्देश्य राष्ट्रपति की वास्तविक स्थिति और यात्रा की जानकारी को छिपाकर संभावित हमले का जोखिम कम करना था।

पुराने एयर फोर्स वन को इस दौरान एक तरह से भ्रम पैदा करने के लिए इस्तेमाल किया गया, ताकि बाहर से देखने पर ऐसा लगे कि ट्रंप उसी विमान से यात्रा कर रहे हैं। बाद में वह ब्रिटेन में फिर से एयर फोर्स वन से जुड़े।

ट्रंप बोले- 'मैं वही करता हूं जो सुरक्षा एजेंसियां कहती हैं'

अब इस पूरे घटनाक्रम पर डोनाल्ड ट्रंप ने खुद प्रतिक्रिया दी है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह सीक्रेट सर्विस और सेना की सलाह को मानते हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि विमान बदलने के पीछे सुरक्षा संबंधी चिंता थी।

उन्होंने कहा, 'मैं सीक्रेट सर्विस और सेना की बात मानता हूं। वे चाहते थे कि मैं किसी दूसरी फ्लाइट या दूसरे विमान से जाऊं। मैं वही करता हूं जो वे कहते हैं। मुझे लगता है कि कोई खतरा था। मैंने इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं पूछा।'

डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें अक्सर धमकियां मिलती रहती हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उस समय सामने आए खतरे की सटीक प्रकृति क्या थी।

ईरान ने कटाक्ष किया

डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से पुष्टि किए जाने के बाद अर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने कटाक्ष किया है। एक्स पोस्ट में उनसे कहा, 'वॉशिंगटन पोस्ट: ईरान के खतरे के बीच ट्रंप की तुर्किये से ब्रिटेन तक की उड़ान छिपाने के लिए बनाया गया था खास प्लान, कैटरिंग फूड ट्रक का लिया गया सहारा'

कतर से मिले नए विमान पर भी उठे सवाल

इस घटनाक्रम के बीच कतर से मिले नए बोइंग 747-8 विमान की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे हैं। रिपोर्टों में बताया गया कि पुराने एयर फोर्स वन विमानों में कुछ ऐसे सुरक्षा और मिसाइल-रोधी सिस्टम मौजूद हैं, जिनकी उपलब्धता नए विमान में उस समय स्पष्ट नहीं थी।

यही वजह है कि तुर्किये से वापसी के दौरान राष्ट्रपति के विमान में बदलाव को सिर्फ एक सामान्य यात्रा व्यवस्था के बजाय सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि विमान बदलने के पीछे सुरक्षा एजेंसियों की सलाह महत्वपूर्ण थी। हालांकि, ईरान को लेकर विशिष्ट खतरे की पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।