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क्या ईरान ने अमेरिका को घुटने पर ला दिया? ईरानी विदेश मंत्री का बड़ा दावा

Iran-US War: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया कि अमेरिका-इज़राइल के खिलाफ जंग में ईरान ने मजबूती दिखाई और दुश्मन को बातचीत के लिए मजबूर कर दिया है। अब ईरान…नीचे पढ़ें पूरी अपडेट।
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भारत

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Saurabh Mall

Aug 11, 2026

Middle East Crisis

US से जंग पर ईरानी विदेश मंत्री अराघची का बड़ा बयान। फोटो में ईरानी विदेश मंत्री (सोर्स: ANI)

Iran-US War Latest Update: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ युद्ध को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि ईरान ने इस युद्ध में खुद को एक मजबूत और ताकतवर राष्ट्र के रूप में साबित किया है। ईरान ने न सिर्फ युद्ध के मैदान में मजबूती दिखाई, बल्कि डिप्लोमेसी में भी बढ़त हासिल की। उनका दावा है कि आखिरकार दुश्मन अमेरिका को बातचीत के लिए मजबूर होना पड़ा है।

‘हमने दुनिया की सबसे बड़ी सेना को हराया’

ईरानी न्यूज एजेंसी ISNA के मुताबिक, अराघची ने मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्रालय की एक बैठक में यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि हालिया लड़ाई में ईरानी सेना ने बड़ी कुर्बानियां दीं। सैनिकों ने अपनी जान देकर देश की रक्षा की। ईरान ने दुनिया की सबसे बड़ी सेना को हराया है। यह सिर्फ कोई नारा नहीं है। यह एक ऐसी सच्चाई है जिसे पूरी दुनिया स्वीकार कर रही है।

इसके साथ ही उन्होंने ईरानी जनता की भी तारीफ की। जिन्होंने युद्ध के दौरान मुश्किल हालात के बावजूद अपनी ज़िम्मेदारियां निभाईं।

‘ईरान ने युद्ध भी जीता और डिप्लोमेसी भी’

अराघची ने कहा कि दुनिया के कई देशों के अधिकारियों ने ईरान रणनीति को असाधारण बताया है। उन्होंने दावा किया कि कुछ अधिकारियों ने ईरान की कार्रवाई को चमत्कार तक कहा।

ईरानी विदेश मंत्री ने डिप्लोमेसी को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि ईरान ने दिखा दिया है कि वह अपने अधिकारों की रक्षा करना जानता है। कुछ अधिकारियों ने उनसे कहा कि ईरान ने युद्ध जीत लिया है। साथ ही डिप्लोमेसी में भी जीत हासिल की है।

होर्मुज स्ट्रेट पर ट्रंप का बड़ा दावा

अराघची के बयान के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का ‘100 प्रतिशत कंट्रोल’ है।

ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना इस रणनीतिक समुद्री रास्ते पर नियंत्रण रखती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी नाकाबंदी के जरिए यह तय कर रहा है कि कौन ईरान में प्रवेश कर सकता है।

ट्रंप ने ईरान से मुआवजे की मांग की बात भी कही। उनके मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई से हुए नुकसान के लिए पैसे मांगे हैं। इसके जवाब में अमेरिका भी ईरान से पुराने नुकसान का हर्जाना मांग सकता है। ऐसे में दोनों देशों के बयानों ने तनाव के बीच नई बहस छेड़ दी है। अब नजर इस बात पर है कि क्या दोनों देश वास्तव में बातचीत की मेज पर लौटते हैं या टकराव आगे भी जारी रहता है।