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रूस ने पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को बनाया मध्यस्थ, यूक्रेन के सरकारी बैंक से जुड़ा है विवाद

Oschadbank Russia case: पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को रूस ने यूक्रेन के सरकारी बैंक ओशचाडबैंक से जुड़े निवेश विवाद में अपना मध्यस्थ नियुक्त किया है। मामला रूस-यूक्रेन निवेश संधि के तहत शुरू हुआ है।
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DY Chandrachud update news

भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ । (Photo- ANI)

DY Chandrachud arbitrator: भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को रूस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय निवेश विवाद में अपना मध्यस्थ नियुक्त किया है। यह विवाद यूक्रेन के सरकारी स्वामित्व वाले बैंक ओशचाडबैंक और रूस के बीच है। मामला रूस और यूक्रेन के बीच 1998 में हुई द्विपक्षीय निवेश संधि के तहत शुरू हुआ है। ओशचाडबैंक ने रूस के खिलाफ यह दावा किया है कि यूक्रेन में रूस की सैन्य कार्रवाई के कारण बैंक की संपत्तियों और कारोबार को भारी नुकसान हुआ।

ओशचाडबैंक का क्या कहना है?

ओशचाडबैंक का कहना है कि उसे डोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया क्षेत्रों में मौजूद अपनी संपत्तियों और कारोबारी गतिविधियों का नुकसान उठाना पड़ा। बैंक इस नुकसान के लिए रूस से मुआवजे की मांग कर रहा है। बताया जा रहा है कि बैंक का दावा सैकड़ों मिलियन डॉलर का है। बैंक ने जुलाई 2025 में रूस को इस विवाद के संबंध में औपचारिक नोटिस भेजा था। कथित तौर पर रूस की ओर से इसका जवाब नहीं मिलने के बाद ओशचाडबैंक ने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की प्रक्रिया शुरू की।

तीन सदस्यीय पैनल में कौन-कौन?

ग्लोबल आर्बिट्रेशन रिव्यू की एक रिपोर्ट के अनुसार, रूस और ओशचाडबैंक के बीच इस मामले की सुनवाई के लिए तीन सदस्यीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण बनाया गया है।

डीवाई चंद्रचूड़ को रूस ने अपना मध्यस्थ नियुक्त किया है। कोस्टा रिका की पूर्व व्यापार मंत्री और मध्यस्थ डायाला जिमेनेज न्यायाधिकरण की अध्यक्ष होंगी। उन्हें रूस और ओशचाडबैंक दोनों ने मिलकर चुना है। तीसरे मध्यस्थ के तौर पर यूनान के निवासी एवं नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर में प्रोफेसर स्टावरोस ब्रेकौलाकिस को ओशचाडबैंक ने अपना मध्यस्थ नियुक्त किया है। इस तरह तीनों सदस्यों में एक-एक को रूस और ओशचाडबैंक ने चुना है, जबकि अध्यक्ष का चयन दोनों पक्षों की सहमति से हुआ है।

जस्टिस चंद्रचूड़ का नाम इससे पहले भी रूस से जुड़े दो निवेश विवादों में सामने आ चुका है। विंटरशॉल डी और उक्रेनर्गो से जुड़े मामलों में रूस ने उन्हें अपना मध्यस्थ बनाने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने इन प्रस्तावों को स्वीकार नहीं किया था। इस मौजूदा मामले में खास बात यह है कि जस्टिस चंद्रचूड़ ने रूस की ओर से मध्यस्थ के रूप में नियुक्ति स्वीकार की है।