
अलगाववादी सिख नेता गुरपतवंत सिंह पन्नून। (फोटो: X Handle Boil Anda.)
Nikhil Gupta Pannun murder plot sentencing: अमेरिका में खालिस्तानी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के आरोप में नया मोड़ सामने आया है। अमेरिकी सरकार ने खुद कोर्ट से गुजारिश की है कि हत्या की साजिश रचने के आरोपी निखिल गुप्ता की सजा का ऐलान कुछ समय के लिए टाल दिया जाए। अमेरिकी प्रशासन ने कोर्ट से कहा कि पीड़ित पक्ष को कानूनी हक के तहत सजा सुनाए जाने के समय अदालत में मौजूद रहने और अपनी बात कहने का अधिकार है।
अमेरिकी सरकार ने 3 अगस्त को जज मारेरो लिखे पत्र में कहा है कि पीड़ित को सुनवाई में शामिल होने का मौका देने के लिए थोड़ी मोहलत चाहिए। सबसे दिलचस्प बात यह है कि बचाव पक्ष यानी निखिल गुप्ता के वकीलों को भी इस देरी से कोई आपत्ति नहीं है। दोनों पक्षों ने मिलकर 6 नवंबर या 20 नवंबर 2026 की तारीख सुझाई है।
दरअसल, निखिल गुप्ता ने इस साल फरवरी में अदालत में अपना गुनाह कबूल कर लिया था। उन्होंने माना कि प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस का मुखिया गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या को अंजाम देने के लिए अमेरिका में एक शख्स को 15 हजार डॉलर का एडवांस पेमेंट किया था। निखिल ने अमेरिकी जांच एजेंसी को बताया कि उसने ये सोच कर पेमेंट किया था कि वह शख्स एक सुपारी किल है, लेकिन वह असल में अमेरिकी खुफिया एजेंसी का मुखबिर था।
इस केस ने तब बड़ा तूल पकड़ा जब अमेरिकी जांच एजेंसियों ने दावा किया कि निखिल गुप्ता को इस साजिश में भर्ती करने वाला शख्स भारत सरकार से जुड़ा हुआ था। अमेरिकी चार्जशीट के मुताबिक, मई 2023 में निखिल गुप्ता से एक व्यक्ति ने संपर्क किया था, जिसे 'सीसी-1' नाम दिया गया। बाद में इस शख्स की पहचान विकास यादव के रूप में हुई, जो पहले सीआरपीएफ में तैनात रहे थे और कथित तौर पर उस वक्त भारत के कैबिनेट सचिवालय में काम कर रहे थे।
आरोप है कि विकास यादव के इशारे पर निखिल गुप्ता ने खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या के लिए 1 लाख डॉलर देने पर सहमति जताई और जून 2023 में 15 हजार डॉलर एडवांस के तौर पर दे भी दिए। गुप्ता को 2024 में चेक रिपब्लिक से अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया था, जहां उन्होंने शुरुआत में खुद को निर्दोष बताया था। बाद में उन्होंने हत्या की सुपारी देने, साजिश रचने और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे आरोपों में अपना गुनाह कबूल कर लिया। इनमें से दो आरोपों में अधिकतम 10 साल और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में अधिकतम 20 साल की सजा हो सकती है।
इस मामले को लेकर एक और बड़ा विवाद तब खड़ा हुआ जब अमेरिकी अधिकारियों ने इसे कनाडा में हुई हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जोड़ दिया। निज्जर की जून 2023 में कनाडा के एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। भारत सरकार ने निज्जर को खालिस्तानी संगठनों से जुड़ाव के चलते पहले ही आतंकवादी घोषित कर रखा था।
Updated on:
12 Aug 2026 09:26 am
Published on:
12 Aug 2026 09:26 am
