
सिंध हाईकोर्ट ने हाल ही में पाकिस्तान की कार्यवाहक सरकार के प्रति नाराज़गी जताई है। साथ ही सरकार से एक सवाल भी पूछा है। यह मामला पाकिस्तान में 8 फरवरी को हुए चुनाव के दौरान इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं के बंद होने से जुड़ा है। दरअसल चुनाव के मद्देनज़र पाकिस्तान में 8 फरवरी को देशभर में मोबाइल सेवाएं और इंटरनेट ठप्प हो गया था। पाकिस्तान की कार्यवाहक सरकार की तरफ से इस बारे में यह कहा गया था कि देश में चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया था। जनता समेत कई विरोधी पार्टियों ने भी इसका विरोध किया था। अब पाकिस्तान के सिंध प्रांत के हाईकोर्ट ने इस मामले पर सवाल उठाया है।
चुनाव के दिन क्यों बंद हुआ इंटरनेट?
सिंध हाईकोर्ट ने नाराज़ होते हुए पाकिस्तान की कार्यवाहक सरकार से सवाल पूछा है, "चुनाव के दिन देशभर में इंटरनेट क्यों बंद हुआ था? पाकिस्तान में मोबाइल सेवाओं को बंद करने की क्या ज़रूरत थी?"
दुनिया के सामने बन रहा है पाकिस्तान का तमाशा
पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता के चलते अभी भी इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह से बहाल नहीं हुई हैं। ऐसे में सिंध हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अकील अहमद अब्बासी ने नाराज़गी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से सवाल पूछा है, "तुम लोग दुनिया के सामने पाकिस्तान का तमाशा क्यों बना रहे हो?" साथ ही अब्बासी ने जल्द से जल्द पाकिस्तान में हर जगह इंटरनेट सेवाओं को बहाल करने का निर्देश भी दिया है।
अमेरिका भी बता चुका है गलत
अमेरिका भी पाकिस्तान में इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं के ठप्प होने और सोशल मीडिया पर पाबंदियाँ लागू करने के फैसले को गलत बता चुका है।
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