
Spain Morocco Border Crisis : स्पेन-मोरक्को सीमा से सामने आए वीडियो में भगदड़ जैसा नजारा देखने को मिला, जहां हजारों अवैध प्रवासी तैरकर स्पेन के स्वायत्त क्षेत्र स्यूटा (Ceuta) में प्रवेश करने की कोशिश करते दिखाई दिए। अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बड़ी संख्या में लोग समुद्र में उतरकर मोरक्को और स्यूटा को अलग करने वाली सीमा बाड़ के पास तैरते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं, कई लोग समुद्र तट पर सीमा पार करने के अवसर का इंतजार करते नजर आए।
मोरक्को की ओर सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने और लोगों को सीमा पार करने से रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और चेतावनी के तौर पर हवा में गोलियां भी चलाईं।
शहर के प्रशासन के अनुसार, इस अभूतपूर्व घटना के दौरान करीब 60,000 लोगों ने स्यूटा में प्रवेश किया, जिससे स्थानीय प्रशासन पर भारी दबाव पड़ गया। हालात को नियंत्रित करने और मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्पेन को अतिरिक्त सैन्य बल तैनात करने पड़े।
स्यूटा पहुंचने पर स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने इस बड़े पैमाने पर हुई घुसपैठ की घटना को स्पेन की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया। उन्होंने इसके लिए मानव तस्करी से जुड़े नेटवर्क को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि तस्करों ने समुद्र के रास्ते आने वाले प्रवासियों से जुड़े स्पेन के सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का गलत फायदा उठाया। उनके अनुसार, तस्करों ने हजारों लोगों को यह विश्वास दिलाया कि यदि वे तैरकर स्पेन के क्षेत्र में पहुंच जाते हैं, तो उन्हें तुरंत वापस नहीं भेजा जाएगा।
इस घटना के बाद पूरे यूरोप में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। इटली ने स्पेन के साथ सीमा नियंत्रण और सख्त करने की चेतावनी दी है, जबकि फ्रांस ने अपनी सीमाओं पर जांच बढ़ाने की घोषणा की है।
स्पेन के विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ की सरकार पर अनियमित प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। हालांकि, मैड्रिड ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह स्थिति स्पेन की आप्रवासन नीति में बदलाव की वजह से नहीं, बल्कि अदालत के फैसले को लेकर फैली भ्रम की स्थिति और मानव तस्करों द्वारा फैलाई गई गलत जानकारी के कारण पैदा हुई।