31 जुलाई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

PoJK में मानवाधिकार संकट पर UKPNP की UN से गुहार, तत्काल हस्तक्षेप की मांग

PoJK Violence: पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघनों और बढ़ती हिंसा को लेकर UKPNP ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप, स्वतंत्र जांच और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
2 min read
Google source verification
PoJK Human Rights Violations

पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में हजारों लोगों का प्रदर्शन (File Photo/ANI)

Pakistan Occupied Kashmir Human Rights: यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में बिगड़ते मानवाधिकार हालात पर गंभीर चिंता जताई है। उसने संयुक्त राष्ट्र (UN) और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। सोशल मीडिया 'एक्स' पर जारी बयान में UKPNP ने कहा कि वैश्विक संस्थानों, विभिन्न देशों की सरकारों और मानवाधिकार संगठनों को नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेही तय करने और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का पालन कराने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।

पार्टी ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ (EU), ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, फ्रांस, इटली, स्विट्जरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे, रूस, चीन, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक मीडिया से PoJK में कथित रूप से बढ़ती हिंसा पर ध्यान देने और कार्रवाई करने की अपील की है।

जीवन और सुरक्षा के अधिकार का हवाला

UKPNP ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन, स्वतंत्रता, व्यक्तिगत सुरक्षा और संपत्ति की रक्षा का मूलभूत अधिकार प्राप्त है। पार्टी के अनुसार, PoJK के निवासियों को कानून के दायरे में रहते हुए अपने जीवन, संपत्ति और व्यक्तिगत सुरक्षा की रक्षा के लिए वैध उपाय अपनाने का अधिकार होना चाहिए। अपने बयान में UKPNP ने मानवाधिकारों से जुड़े कई अंतरराष्ट्रीय प्रावधानों का उल्लेख किया।

100 से अधिक लोगों की मौत का दावा

UKPNP ने दावा किया कि 5 जून 2026 से अब तक PoJK में 100 से अधिक कश्मीरी मारे जा चुके हैं, जबकि कई सौ लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा सैकड़ों लोगों को जबरन लापता किया गया है। बयान में 27 और 28 जुलाई की घटनाओं का भी जिक्र किया गया है। UKPNP के अनुसार, रावलाकोट, मीरपुर और PoJK के अन्य इलाकों में हुई कथित हिंसा में लगभग 40 कश्मीरियों की मौत हुई, जबकि कई अन्य घायल हुए और गिरफ्तार किए गए।

निष्पक्ष जांच की मांग

UKPNP ने कहा कि यदि शांतिपूर्ण नागरिकों के खिलाफ अत्यधिक या गैरकानूनी बल का प्रयोग हुआ है, तो यह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का गंभीर उल्लंघन हो सकता है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपराध की श्रेणी में आ सकता है। पार्टी ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय पक्षों से इन घटनाओं की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा संबंधित पक्षों को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों का पालन कराने के लिए कदम उठाने की अपील की है। UKPNP ने अपने बयान में दोहराया कि मानव जीवन की सुरक्षा, कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेही तय करना और विवादों का शांतिपूर्ण समाधान ही क्षेत्र में न्याय, स्थिरता और स्थायी शांति स्थापित करने का आधार बन सकता है।

बड़ी खबरें

View All

विदेश

ट्रेंडिंग