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श्रीलंका की जेल में खूनी संघर्ष: 4 गार्ड्स और 19 कैदियों की मौत, 100 से ज्यादा घायल

श्रीलंका की नेगोम्बो जेल में दो प्रतिद्वंद्वी कैदी गिरोहों के बीच हिंसक झड़प में 25 लोगों की मौत हो गई। 100 के करीब लोग घायल हैं।
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Jul 06, 2026
Sri Lanka News
श्रीलंका की जेल में दंगा। (फोटो- The Washington Post)

Sri Lanka Prison Riot: श्रीलंका की नेगोम्बो जेल में दो कैदी गिरोहों के बीच हुई हिंसक झड़प में 23 लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में 4 जेल गार्ड भी शामिल हैं। इस घटना में करीब 100 लोग घायल हुए हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के मुताबिक, झड़प रविवार शाम दो प्रतिद्वंद्वी ड्रग गैंग से जुड़े कैदियों के बीच शुरू हुई थी। इसे पिछले पांच साल से ज्यादा समय में श्रीलंका की सबसे बड़ी जेल हिंसा बताया जा रहा है।

महिलाओं की मांग के बाद हुआ हादसा

जब जेल में मारपीट की खबर फैली तो बगल वाले सेक्शन में बंद महिलाओं ने छत पर चढ़कर अपने रिहाई की मांग की। रात के अंधेरे में यह नजारा देखने लायक था। लेकिन अचानक छत का एक हिस्सा ढह गया और कई महिलाएं घायल हो गईं। इस घटना ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि चार गार्ड कैदियों को शांत कराने की कोशिश में मारे गए। सुबह होते-होते स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो गई। जेल में करीब 10,000 कैदी बंद हैं, जहां क्षमता से चार गुना ज्यादा लोग ठुंसे हुए हैं।

उधर, नेगोंबो अस्पताल की डायरेक्टर पुष्पा गमलाथ ने कहा कि उनके अस्पताल में 23 शव पहुंचे हैं और 100 से ज्यादा घायल आए हैं। कुछ को गोली लगी है, कई के शरीर पर चाकू के घाव और गहरी चोटें हैं।

बाहर रिश्तेदारों का गुस्सा

सोमवार सुबह जेल के बाहर सैकड़ों रिश्तेदार जमा हो गए। वे अपने अपनों की सलामती की जानकारी चाहते थे। आसपास के लोग बंदूक की आवाजें सुनने की बात कर रहे हैं। पुलिस ने ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी है। कमांडो बुलाए गए हैं लेकिन अभी जेल के अंदर नहीं भेजे गए हैं।

बता दें कि दो ड्रग गिरोहों के बीच पुरानी रंजिश इस दंगे की वजह बनी। श्रीलंका की जेलें लंबे समय से क्षमता से ज्यादा भरी हुई हैं। रविवार को पूरे देश में 41,250 कैदी थे, जबकि जगह सिर्फ इतनी है कि एक चौथाई ही रह सकें।

पहले भी जेल में हो चुका है दंगा

दिसंबर 2020 में भी कोविड के समय एक और जेल में दंगा हुआ था, जिसमें 11 कैदी मारे गए थे और 117 घायल हुए। तब सरकार को सैकड़ों कैदियों को रिहा करना पड़ा था।

Updated on:
06 Jul 2026 04:04 pm
Published on:
06 Jul 2026 03:30 pm