
Nepal Flash Flood (Photo-IANS)
Nepal Flash Flood : नई दिल्ली। तिब्बत-नेपाल सीमा पर आई भीषण बाढ़ के बाद चीन ने तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में लेवल-IV आपात अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि दो नदियों के संगम के पास बनी एक बड़ी झील के अचानक टूटने का खतरा है। ऐसे में इसके नीचे के इलाकों में फिर बाढ़ आने और बड़े पैमाने पर नुकसान की आशंका जताई गई है।
पीटीआई के मुताबिक, चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने नेपाल के अधिकारियों को जानकारी दी है कि छोछेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास करीब 20 लाख घन मीटर पानी वाली एक बड़ी झील बन गई है। लगातार बारिश के बीच अगले तीन दिनों में इसमें करीब 30 लाख क्यूबिक मीटर पानी और पहुंचने का अनुमान है। इससे झील के टूटने का खतरा बढ़ गया है। अगर झील का बांधनुमा अवरोध टूटता है तो तेज रफ्तार से पानी नीचे की ओर बह सकता है। इससे चीन-नेपाल सीमा स्थित ग्यिरोंग पोर्ट समेत निचले इलाकों में फिर भारी तबाही की आशंका है।
चेतावनी के अनुसार, अगले 72 घंटे बेहद महत्वपूर्ण है। यह अस्थायी झील टूटती है तो नेपाल में हालात और बिगड़ सकते है। हिंदूकुश हिमालयी क्षेत्रों के आठ देशों में पर्यावरणीय व आपदा जोखिमों का अध्ययन करने वाले काठमांडू स्थित संगठन इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलमेंट (आईसीआईएमओडी) ने भी चेतावनी दी है कि नेपाल-चीन सीमा के पास मोटेकोशी व त्रिशूली नदी के ऊपरी हिस्से में एक अवरोध अभी भी फंसा हुआ है जिससे बाढ़ के पानी दूसरी लहर आ सकती है।
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, जल संसाधन मंत्रालय ने स्थानीय अधिकारियों को झील और बारिश पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बाढ़ के संभावित खतरे वाले क्षेत्रों का आकलन करने और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सही पहचान करने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते बचाव और निकासी अभियान चलाया जा सके।
चीन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान के लिए सैटेलाइट और ड्रोन भी तैनात किए हैं। चीन के राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन ने प्रभावित इलाके की आपात तस्वीरें लेने के लिए सैटेलाइट संसाधनों का इस्तेमाल शुरू किया है।
अधिकारियों के मुताबिक, अब तक आपदा से पहले की पांच और आपदा के बाद की 10 तस्वीरें संबंधित राहत एवं आपदा प्रबंधन विभागों को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। इनसे नुकसान का आकलन करने और बचाव अभियान की योजना बनाने में मदद मिल रही है।
Updated on:
28 Aug 2026 10:54 am
Published on:
28 Aug 2026 10:54 am
