
Nepal Flash Flood (Photo-IANS)
काठमांडु। तिब्बत-नेपाल सीमा पर अचानक आई बाढ़ से हुए नुकसान का अभी कोई ठोस आंकलन नहीं हो सका है। लेकिन, यह 2015 के भूकंप के बाद नेपाल में आई सबसे बड़ी आपदा है। सैकड़ों लोग इस सैलाब के साथ बह गए। अब जब हर ओर तबाही का मंजर है, ऐसे में लापता लोगों की तलाश बड़ी चुनौती बन गई है। आपदा की विकरालता के बीच लोगों में अपनों को खोने की मायूसी और उनके बारे में कुछ पता न चल पाने बेबसी भी साफ नजर आती है।
नेपाल के तिमुरे और बेत्रावली कस्बे इस बाढ़ में बह गए हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। इनमें कई विदेशी पर्यटक भी हैं। मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले विदेशी तिमुरे में ही ठहरते हैं। भोटेकोशी नदी के किनारे रसुवा और नुवाकोट ज़िलों में काफी नुकसान हुआ है। यहां आबादी कम है, लेकिन नेपाल-चीन व्यापार का यह अहम रास्ता है। इस क्षेत्र में हाइड्रोपावर, हाईवे और पुलों सहित ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर भी तबाह हो गए हैं।
नेपाल के नुवाकोट जिले के सुगम मल्ला के अनुसार इस आपदा में उनका परिवार उनकी आंखों के सामने ही बाढ़ में बह गया। मां कल्पना मल्ला ने बताया कि पिता, मां, बहन किसी के बारे में कुछ नहीं पता चल रहा है। इस बाढ़ ने सब कुछ छीन लिया। सुगम ने हाथ खींच कर उनकी जान बचा ली। किसी से फोन पर संपर्क भी नहीं हो पा रहा है।
नेपाल-तिब्बत सीमा पर आए जलसैलाब में कैलाश मानसरोवसर यात्रा पर गए काफी श्रद्धालु भी बह गए हैं। इनमें अमरीका में रहने वाले भारतवंशी दंपत्ति रमेश और नीलम शर्मा भी शामिल हैं। उनकी बेटी डॉ.राधिका शर्मा के अनुसार माता-पिता का कुछ पता नहीं चल पाया है। राधिका ने इस बाबत सोशल मीडिया पर पोस्ट करके मदद भी मांगी है।
रसुवा जिले के सोनम दोरजी के अनुसार बुधवार सुबह 9 बजे उनके गांव में बाढ़ आई। उससे एक घंटे पहले ही वह काठमांडू जाने के लिए निकले थे। अब बहन,उसके पति और परिवार के अन्य सदस्य लापता हैं। जब वह गांव से निकले थे तब उन्हें आवाजें सुनाई दे रही थीं। ऐसा लग रहा था कि भूकंप हो। मेरा घर ढह गया है।
नेपाल की नदियों में जल प्रलय जैसी स्थिति ने इंसानों के साथ ही वन्यजीवों की जान भी मुश्किल में डाल दी है। नेपाल की कौडियाला नदी के तेज बहाव की चपेट में हाथियों का एक झुंड भी आ गया। तीन व्यस्क व दो छोटे हाथी नदी के कौडियाला नदी के तेज बहाव में बहते हुए उत्तर प्रदेश के बहराइच में गिरिजापुरी बैराज तक पहुंच गए। हालांकि इन सभी हाथियों को बचा लिया गया है।
Updated on:
28 Aug 2026 08:08 am
Published on:
28 Aug 2026 08:07 am
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