
D. K. Shivakumar (Photo IANS)
Karnataka Nepal Flood : नई दिल्ली। नेपाल में बाढ़ से मची तबाही के बीच कर्नाटक के कम से कम 17 लोग अब भी लापता हैं। राज्य सरकार नेपाल में फंसे कन्नड़ नागरिकों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने गुरुवार को बताया कि कुछ लोगों की लोकेशन का पता चल गया है और वे अपने परिवारों के संपर्क में हैं, लेकिन 17 लोगों की जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार लापता लोगों का पता लगाने के लिए 24 घंटे काम कर रही है। कुछ लोगों से संपर्क हो चुका है, जबकि कुछ अन्य के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक से कई लोग नेपाल गए थे। इनमें से कुछ लोगों की लोकेशन ट्रेस कर ली गई है, लेकिन कई अन्य लोगों का अब तक पता नहीं चल सका है। उन्होंने कहा कि हम लोगों को ट्रेस कर रहे हैं। कई लोगों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। 17 लोगों की जानकारी हमें जुटानी है। कुछ लोग संपर्क में हैं और अपने परिवारों से बातचीत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्नाटक सरकार नई दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन और बेंगलूरु से राहत एवं बचाव अभियान का समन्वय कर रही है। इसके साथ ही केंद्र सरकार के मंत्रियों और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में भी है।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार किसी दूसरे देश में स्वतंत्र रूप से अभियान नहीं चला सकती। नेपाल के संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर वहां फंसे कन्नड़ नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है। शिवकुमार ने कहा कि हम समन्वय के साथ काम करेंगे। सभी मिलकर उन्हें सुरक्षित राज्य वापस लाने का प्रयास करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कलबुर्गी जिले के रहने वाले मल्लीनाथ के परिवार से भी बात की, जो नेपाल में आई बाढ़ में बाल-बाल बचकर लौटे हैं। इसके बाद शिवकुमार ने मल्लीनाथ से फोन पर बातचीत कर उनका हाल जाना। मल्लीनाथ ने मुख्यमंत्री से बात करने पर खुशी जताई और कहा कि वह भी शिवकुमार की तरह भगवान के भक्त हैं। इसके बाद उन्होंने नेपाल में आई आपदा के दौरान अपने अनुभव के बारे में बताया।
मल्लीनाथ ने बताया कि आपदा के दौरान उनकी जान बाल-बाल बची। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि किस तरह वह और अन्य लोग बचकर लौटे, इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि सर, आप कल्पना भी नहीं कर सकते। हम बचकर वापस आए हैं, इसे शब्दों में समझाना मुश्किल है। हमसे 10 मिनट आगे चल रही दो बसें गायब हो गईं। इस पर मुख्यमंत्री ने पूछा कि क्या उन दोनों बसों में कर्नाटक के लोग भी सवार थे। मल्लीनाथ ने बताया कि दोनों बसों में यात्रा कर रहे सभी पर्यटक पश्चिम बंगाल के थे।
शिवकुमार ने मल्लीनाथ से यह भी पूछा कि काठमांडू पहुंचने के बाद उनकी मुलाकात किसी अन्य कन्नड़ नागरिक से हुई या नहीं। मल्लीनाथ ने बताया कि वह तीन दिन से काठमांडू में रह रहे हैं, लेकिन उनकी मुलाकात कर्नाटक के किसी अन्य व्यक्ति से नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने उन्हें सुरक्षित रहने और जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेने की सलाह दी। मल्लीनाथ ने कहा कि वह मुख्यमंत्री की सलाह का पालन करेंगे। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले ही वह इस भयावह आपदा से बाल-बाल बचे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक सरकार केंद्र सरकार और राजनयिक माध्यमों के साथ मिलकर लापता लोगों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। नेपाल में फंसे कन्नड़ नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।
Updated on:
27 Aug 2026 04:36 pm
Published on:
27 Aug 2026 04:32 pm
