
घायल विदेशी पर्यटक। फोटो (इंस्टा- india_first_post)
मुंबई। भारत घूमने आए अमेरिका के एक पर्यटक का पैर मुड़ने के बाद उसे इलाज के लिए पैसे खर्च करने की चिंता सताने लगी, लेकिन स्थानीय लोगों ने न केवल उसे सहारा देकर अस्पताल पहुंचाया, बल्कि सरकारी अस्पताल में बिना पैसे लिए जांच और इलाज मिलने से पर्यटक इतना प्रभावित हुआ कि उसने भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था को अमेरिका से भी बेहतर बताया। सोशल मीडिया पर चल रहे एक वीडियो में पर्यटक मुंबई में घूम रहा था। इसी दौरान उसका पैर मुड़ गया और टखने में चोट लग गई।
दर्द के कारण वह सड़क किनारे बैठ गया। जब उसने आसपास मौजूद लोगों को बताया कि उसके पास इलाज कराने के लिए पैसे नहीं हैं, तो लोगों ने उसे भरोसा दिलाया कि उसे इलाज के लिए पैसे नहीं देने होंगे। एक स्थानीय व्यक्ति ने उससे कहा कि आपको कोई पैसा नहीं देना है। यह सरकारी अस्पताल है। इसके बाद स्थानीय लोगों ने उसे पास के सरकारी अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था की। चोट के कारण पर्यटक ठीक से चल नहीं पा रहा था, इसलिए लोगों ने उसे सहारा दिया।
अस्पताल जाते समय पर्यटक ने मदद करने वाले लोगों का आभार जताया। उसने कहा कि स्थानीय लोग एक बार फिर किसी विदेशी की मदद कर रहे हैं और उन्हें देखकर वह काफी प्रभावित हुआ है। उसने भारतीय लोगों की मदद करने की भावना की भी तारीफ की। अस्पताल पहुंचने के बाद पर्यटक के टखने की जांच की गई। उसके मुताबिक, वहां उसका एक्स-रे किया गया और इलाज दिया गया। उसे टखने पर पट्टी भी बांधी गई। खास बात यह रही कि इस पूरी प्रक्रिया के लिए उससे कोई शुल्क नहीं लिया गया।
अस्पताल से बाहर निकलने के बाद पर्यटक ने कहा कि उसे खुशी है कि इस बार उसे कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ा। उसने हैरानी जताते हुए कहा कि अस्पताल ने उसे भर्ती कर जांच की, एक्स-रे किया, टखने पर पट्टी बांधी और इलाज किया, लेकिन इसके लिए उससे कोई भुगतान नहीं लिया गया। इस अनुभव के बाद पर्यटक ने मुंबई के सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की तुलना अमेरिकी व्यवस्था से की। उसने कहा कि उसे यहां सरकारी अस्पताल में मिली सेवा बेहद अच्छी लगी और इस तरह की सुविधा उसे अपने देश में आसानी से नहीं मिलती।
पर्यटक ने दावा किया कि अमरीका में इस तरह के इलाज के लिए हजारों डॉलर तक खर्च हो सकते हैं। उसने वहां की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि मामूली चोट के इलाज पर भी काफी ज्यादा रकम चुकानी पड़ सकती है। इस पूरे अनुभव में पर्यटक के लिए सिर्फ मुफ्त इलाज ही हैरानी की वजह नहीं रहा। चोट लगने के बाद अनजान स्थानीय लोगों का तुरंत मदद के लिए आगे आना और उसे अस्पताल तक पहुंचाना भी उसके लिए खास अनुभव रहा। उसने स्थानीय लोगों के व्यवहार और अस्पताल में मिले इलाज के लिए आभार जताया।
Updated on:
27 Aug 2026 04:11 pm
Published on:
27 Aug 2026 04:06 pm
