
नेपाल में बाढ़ ने मचाई तबाही (Photo-ANI)
Nepal Flood News: नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी है। नेपाल के कई इलाकों में अचानक आई बाढ़ के बाद कम से कम 165 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और लापता लोगों की संख्या को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। इस भयानक आपदा में भारत के 300 से ज्यादा पर्यटक भी लापता बताए जा रहे हैं। महाराष्ट्र से कैलाश मानसरोवर और नेपाल भ्रमण पर गए करीब 80 पर्यटकों के भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे होने की आशंका है। इस बीच, महाराष्ट्र सरकार ने सहायता और संपर्क के लिए 9321587143 और 1070 (टोल फ्री) हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।
इस प्राकृतिक आपदा का असर भारत से नेपाल गए पर्यटकों पर भी पड़ा है। महाराष्ट्र के करीब 80 पर्यटकों के नेपाल में फंसे होने का अनुमान है। इनमें से अब तक केवल चार लोगों से संपर्क हो पाया है। महाराष्ट्र सरकार ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके रिश्तेदार, परिचित या पड़ोसी नेपाल गए हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है, तो इसकी जानकारी सरकार को दें।
महाराष्ट्र के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने बताया कि राज्य के करीब 80 लोग इस समय नेपाल में फंसे हो सकते हैं। इनमें से चार लोगों से संपर्क स्थापित किया गया है और उनके सुरक्षित होने की जानकारी मिली है। इन लोगों ने अपने साथ मौजूद अन्य लोगों के भी सुरक्षित होने की सूचना दी है। बाकी लोगों से संपर्क करने की कोशिश जारी है।
राज्य आपातकालीन अभियान केंद्र (SEOC) की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र से नेपाल गए 80 लोगों में 57 लोग एक ट्रैवल एजेंसी के जरिए गए थे, जबकि बाकी लोग स्वतंत्र रूप से यात्रा कर रहे थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह संख्या प्रारंभिक है और जानकारी का सत्यापन होने के बाद इसमें बदलाव हो सकता है।
बाढ़ प्रभावित इलाके में बड़ी संख्या में लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए भी गए हुए थे। महाराष्ट्र सरकार के मुताबिक, पुणे के कुछ यात्रियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। राज्य और केंद्र सरकार नेपाल के अधिकारियों तथा संबंधित ट्रैवल एजेंसियों के साथ संपर्क में हैं।
नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास आई इस बाढ़ ने सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों में संपर्क टूटने के कारण पर्यटकों और स्थानीय लोगों तक पहुंचना राहत एवं बचाव दलों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
नेपाल में बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 165 शव बरामद किए जा चुके हैं। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, 800 से अधिक लोग लापता हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के मुताबिक प्रभावित इलाकों में सैकड़ों पर्यटकों से भी संपर्क नहीं हो पाया है।
रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ ने नेपाल-चीन सीमा के पास के इलाकों से लेकर कई घाटियों और बस्तियों को प्रभावित किया है। सड़कें और पुल बहने के कारण राहत कार्य भी प्रभावित हुआ है। बचाव दल हेलीकॉप्टरों और अन्य माध्यमों से लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे हैं।
महाराष्ट्र सरकार ने नेपाल में फंसे राज्य के नागरिकों की जानकारी जुटाने और उनके परिजनों की मदद के लिए 24 घंटे का कंट्रोल रूम शुरू किया है। सरकार ने ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई है, ताकि नेपाल में फंसे या लापता लोगों की जानकारी एकत्र कर संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाई जा सके।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि नेपाल में फंसे अपने रिश्तेदार या परिचित के बारे में उपलब्ध जानकारी प्रशासन को दें। इसमें संबंधित व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर, नेपाल में संभावित स्थान या होटल, यात्रा से जुड़ी जानकारी और परिवार के संपर्क नंबर जैसी जानकारी शामिल की जा सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि नेपाल में लापता लोगों की संख्या को लेकर जानकारी लगातार जुटाई जा रही है। कुछ मामलों में एक ही व्यक्ति का नाम अलग-अलग सूचियों में होने की संभावना भी सामने आई है। इसलिए अंतिम आंकड़ा तैयार करने से पहले नामों का सत्यापन किया जा रहा है।
महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिकता नेपाल में फंसे लोगों का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है। राज्य प्रशासन केंद्र सरकार और नेपाल के अधिकारियों के साथ समन्वय कर राहत एवं बचाव अभियान में सहयोग कर रहा है।
Updated on:
27 Aug 2026, 4:03 PM IST
Published on:
27 Aug 2026, 3:54 PM IST
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