
Fake Doctor: वडोदरा में फर्जी डॉक्टर अरेस्ट, 15 साल तक करता रहा मरीजों का उपचार, photo credit: AI
Vadodara Fake Doctor: गुजरात के वडोदरा में एक 10वीं पास शख्स फर्जी डॉक्टर बनकर पॉश इलाके में क्लिनिक खोलकर पिछले 15 साल से धड़ल्ले से मरीजों का इलाज कर रहा था। डॉक्टर की फर्जी डिग्री पर किसी को शक नहीं हुआ। लेकिन मरीजों को दी गई दवाइयां असर नहीं करने पर लोगों को फर्जी डॉक्टर पर शक हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की। वडोदरा शहर पुलिस की लोकल क्राइम ब्रांच ने गोपनीय जांच कर फर्जी डॉक्टर के मामले का पर्दाफाश किया है।
वडोदरा पुलिस के अनुसार, आरोपी बिस्वजीत प्रफुल्ल हलदर शहर के पॉश इलाके में क्लिनिक खोलकर पिछले 15 साल से मरीजों का इलाज कर रहा था। लंबे समय तक इलाज लेने के बावजूद फायदा नहीं होने पर लोगों को आरोपी डॉक्टर पर शक हुआ। बात कानाफूसी से शुरू हुई और वडोदरा क्राइम ब्रांच के अधिकारियों तक जा पहुंची। पुलिस ने मामले की गोपनीय जांच शुरू की और शिकायत पुख्ता पाए जाने पर आरोपी के क्लिनिक पर छापा मारा। जिसमें आरोपी के फर्जी डॉक्टर होने का खुलासा हुआ।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी बिस्वजीत प्रफुल्ल हलदर ने सिर्फ 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। वडोदरा आने से करीब 15 साल पहले वह पश्चिम बंगाल में एक डॉक्टर के क्लिनिक में हेल्पर के तौर पर काम करता था। आरोपी मरीजों को डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पैड पर एलोपैथिक दवाइयां लिखकर देता और इंजेक्शन भी लगाता था। पुलिस ने बुधवार को 45 वर्षीय व्यक्ति के क्लिनिक में छापा मारा और उसे बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री या रजिस्ट्रेशन के 'प्रमिला क्लिनिक' चलाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने फर्जी डॉक्टर के क्लिनिक से करीब 41,000 रुपये कीमत की कफ सिरप की 38 बोतलें, 162 इंजेक्शन, 281 दवा की स्ट्रिप्स, 84 ट्यूब, 30 पाउडर वाली दवाइयां, 32 कैप्सूल, नौ IV फ्लूइड बोतलें और 19 इन्फ्यूजन सेट समेत अन्य सामान जब्त किया।
वडोदरा शहर के ज़ोन-2 की डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस, मंजिता वंजारा ने 'द इंडियन एक्सप्रेस' को बताया, "स्थानीय लोग इस डॉक्टर के बारे में बात करते और सवाल उठाते थे कि उसकी दवाइयां ठीक से काम क्यों नहीं करतीं। आरोपी के पास रोजाना बहुत सारे मरीज आते थे और वह शहर के कुछ असली डॉक्टरों से भी ज्यादा कमाई करता था। मिली जानकारी के आधार पर, LCB की टीम ने क्लिनिक पर छापा मारा और पाया कि उसके पास एक फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट था। वह बिना एनेस्थीसिया के गर्म चिमटे से पाइल्स और बवासीर की सर्जरी करने के लिए एक फर्जी BIAMS डिग्री का इस्तेमाल करता था और इस प्रक्रिया के लिए 25,000 रुपये तक वसूलता था।"
Updated on:
27 Aug 2026 04:51 pm
Published on:
27 Aug 2026 04:51 pm
