होर्मुज स्ट्रेट से बहुत बड़ी जानकारी सामने आई है। ईरान के विदेश मंत्री ने ऐलान किया है कि होर्मुज स्ट्रेट जहाजों की आवाजाही के लिए फिलहाल खोल दिया गया है।
Strait Of Hormuz: मध्य पूर्व से एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने वैश्विक राजनीति और तेल बाजार दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान ने अहम घोषणा की है। लंबे तनाव और खतरे के बाद अब इस समुद्री रास्ते को फिर से खोल दिया गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा कि लेबनान में संघर्ष-विराम होने के बाद सभी कमर्शियल जहाजों के लिए रास्ता खोल दिया गया है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ दिया कि यह फैसला स्थायी नहीं है, यह छूट सिर्फ लेबनान में सीजफायर की अवधि तक ही लागू रहेगी।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस घटनाक्रम की पुष्टि की। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ के जरिए कहा कि ईरान ने सभी तरह के जहाजों के लिए रास्ता खोलने का फैसला किया है। ट्रंप ने इसके लिए आभार जताया है।
दरअसल, बीते महीनों में हालात काफी बिगड़ गए थे। 28 फरवरी 2026 को ईरान पर इजरायल और अमेरिका की ओर से हमले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था। इसी के बाद ईरान ने इस अहम समुद्री रास्ते पर जहाजों की आवाजाही सीमित कर दी थी। इस फैसले का असर पूरी दुनिया पर दिखने लगा था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल, गैस की कीमतें अचानक अस्थिर हो गई। वजह साफ थी, दुनिया के लगभग 20 से 25 प्रतिशत तेल का परिवहन इसी रास्ते से होता है।
होर्मुज स्ट्रेट की अहमियत समझना जरूरी है। यह फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक बेहद संकरा समुद्री रास्ता है। इसकी चौड़ाई कुछ जगहों पर करीब 33 किलोमीटर ही रह जाती है। जब संघर्ष बढ़ा, तो ईरान ने इस मार्ग का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया। खासकर दुश्मन देशों से जुड़े तेल जहाजों को रोकना उसकी रणनीति का हिस्सा था।
अब जबकि लेबनान में युद्धविराम लागू हुआ है, ईरान ने थोड़ी नरमी दिखाई है। लेकिन यह साफ है कि यह राहत अस्थायी है। हालात फिर बिगड़े तो यह रास्ता दोबारा बंद भी हो सकता है।