अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का डिपोर्टेशन अभियान एक बार फिर शुरू होगा। सुप्रीम कोर्ट ने इसे ग्रीन सिग्नल दे दिया है।
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति बनते ही यह साफ कर दिया था कि अमेरिका (United States Of America) में अवैध तरीके से रह रहे लोगों को देश से निकाला जाएगा। अपने डिपोर्टेशन अभियान के तहत ट्रंप ने कई देशों के ऐसे नागरिकों को अमेरिका से डिपोर्ट भी किया जो अवैध तरीके से अमेरिका में रह रहे थे। हालांकि ट्रंप का यह डिपोर्टेशन अभियान तब रुक गया था जब एक निचली अदालत ने इस पर रोक लगा दी थी। लेकिन अब अमेरिकी राष्ट्रपति को देश के सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से बड़ी राहत मिली है।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को निचली अदालत के उस आदेश को हटा दिया, जिसमें युद्धकालीन कानून का इस्तेमाल करके वेनेज़ुएला के अवैध प्रवासियों के डिपोर्टेशन पर रोक लगाई गई थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि 1798 के विदेशी शत्रु अधिनियम के तहत डिपोर्टेशन के अधीन प्रवासियों को अपने डिपोर्टेशन को कानूनी रूप से चुनौती देने का मौका दिया जाना चाहिए।
इसके पहले एक संघीय अदालत के न्यायाधीश ने राष्ट्रपति ट्रंप के डिपोर्टेशन वाले फैसले पर रोक लगा दी थी। हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वह अब फिर से अपना डिपोर्टेशन शुरू कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से मिला ग्रीन सिग्नल उन्हें इस बात की पूरी अनुमति देता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस कानून का उपयोग कथित वेनेज़ुएला के गैंग मेंबर्स को पकड़ने और उन्हें अल साल्वाडोर की जेल में भेजने के लिए किया था।
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