
रिपोर्ट में दावा: 2025 में 1,355 लोग जबरन गायब किए गए और 225 लोगों की निर्मम हत्या की गई। (इमेज सोर्स: AI जनरेटेड)
Pakistan Baloch Missing Persons: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में मौत का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा। ताजा रिपोर्ट ने फिर दिल दहला दिया है, जी हां सिर्फ एक साल में 225 लापता लोगों के शव बरामद हुए हैं। इसी बीच 25 साल के एक युवक को अगवा कर बेरहमी से मार दिए जाने का नया मामला सामने आया है। मानवाधिकार संगठन का कहना है कि प्रांत में जिस तरह लक्षित हत्याएं और जबरन गुमशुदगिययां बढ़ रही हैं, वह साफ संकेत है कि बलूचिस्तान एक खतरनाक मोड़ पर खड़ा है।
मानवाधिकार संगठन के मुताबिक कमाल दाद को 2025 में भी जबरन उठाया गया था। करीब एक महीने तक गैरकानूनी हिरासत में रखने के बाद रिहा किया गया था। रिहाई के तुरंत बाद उनके इलाके फकीर कॉलोनी में उन पर जानलेवा हमला हुआ, जिसमें वह घायल हुआ था। इसके बावजूद न तो उन्हें सुरक्षा दी गई और न ही हमलावरों पर कोई कार्रवाई हुई।
बलोच एकजुटता समिति का कहना है कि कमाल दाद की हत्या उन सैकड़ों मामलों की एक और कड़ी है, जहां पहले गुमशुदा किए गए लोगों को बाद में निशाना बनाया जाता है। संगठन ने इसे आईसीसीपीआर के अनुच्छेद 6 का खुला उल्लंघन बताया है, जो जीवन के अधिकार को सुरक्षित रखने की गारंटी देता है।
संगठन ने संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थानों और वैश्विक नागरिक समाज से आग्रह किया है कि वे बलूचिस्तान में लगातार हो रहे अत्याचारों को गंभीरता से लें और निर्दोष लोगों की जान बचाने के लिए हस्तक्षेप करें।
इसी बीच, मानवाधिकार समूह पांक ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट “A Year of Repression: Balochistan 2025” में प्रांत की भयावह स्थिति का खुलासा किया है।
रिपोर्ट बताती है कि 2025 में 1,355 लोग जबरन गायब किए गए और 225 लोगों की निर्मम हत्या की गई। इसके अलावा नागरिक इलाकों पर एयरस्ट्राइक, और शांतिपूर्ण प्रदर्शन दबाने के लिए कानूनों का दुरुपयोग किए जाने के आरोप भी लगे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जबरन गुमशुदगी बलूचिस्तान में राज्य प्रायोजित दमन का सबसे बड़ा हथियार बन चुकी है।
साल 2025 में लापता किए गए 225 लोगों के शवों का बरामद होना इस बात का सबूत माना जा रहा है कि वहां “किल एंड डंप” नीति लागू है… यानी लोगों को हिरासत में मारकर सुनसान जगहों पर फेंक दिया जाता है और बाद में उन्हें आतंकवादी बताकर मौत को जायज ठहराया जाता है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि पाकिस्तान की सेना, खुफिया एजेंसियों और अर्धसैनिक बलों ने बलूच जनता के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई और तेज कर दी है, जिसमें जबरन गुमशुदगी, हत्याएं और आधुनिक हथियारों से किए जा रहे हमले शामिल हैं।
Published on:
15 Feb 2026 02:06 am
