
इस्लामाबाद शिया मस्जिद ब्लास्ट पर बोले पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (इमेज सोर्स: फखर एक्स यूजर)
Islamabad Shia Mosque Suicide Bombing Update: इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद में हुए एक संदिग्ध आत्मघाती हमले में कम से कम 50 लोग की मौत हो गई और करीब 200 अन्य घायल हो गए। इसे पाकिस्तान की राजधानी में हुई इस तरह के विस्फोट की सबसे भीषण घटनाओं में से एक माना जा रहा है। यह शक्तिशाली विस्फोट शुक्रवार की नमाज के दौरान दक्षिण-पूर्वी इस्लामाबाद के तरलाई कलां इलाके में स्थित खदीजा तुल कुबरा मस्जिद में हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मस्जिद के गेट पर रोके जाने के बाद हमलावर ने खुद को उड़ा लिया। ब्लास्ट के बाद पूरे शहर में इमरजेंसी लगा दी गई है और पूरे इलाके को सुरक्षा बलों ने घेर लिया है। यह हमला ऐसे वक्त हुआ है, जब उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव की दो दिन की आधिकारिक यात्रा पर हैं।
इस हमले के बाद मामला और गरम हो गया है, क्योंकि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बेहद कड़े शब्दों में तालिबान शासन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अब पूरी ताकत से जवाब देगा। आसिफ के अनुसार, मस्जिद पर हमला करने वाले आतंकी को सुरक्षा गार्डों ने रोकने की कोशिश की, तो उसने गोलीबारी शुरू कर दी और भागते हुए नमाजियों की आखिरी कतार में जाकर खुद को उड़ा लिया।
मंत्री ने दावा किया कि हमलावर अफगानिस्तान से आया था और वहां की तालिबान सरकार आतंकियों को पनाह दे रही है। उन्होंने साफ कहा कि अब तालिबान से बातचीत नहीं होगी, सिर्फ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, बिना किसी ठोस सबूत के उन्होंने भारत और अफगानिस्तान के बीच मिलीभगत का आरोप भी लगा दिया, जो पाकिस्तान की पुरानी आदत मानी जाती है।
गौरतलब है कि कड़ी सुरक्षा वाली राजधानी में बम विस्फोट दुर्लभ हैं, हालांकि पाकिस्तान पिछले कुछ वर्षों में उग्रवाद की बढ़ती लहर से प्रभावित हुआ है। 24.1 करोड़ की आबादी वाले मुख्य रूप से सुन्नी मुस्लिम राष्ट्र में 4 करोड़ अल्पसंख्यक शियाओं को अतीत में भी सांप्रदायिक हिंसा का निशाना बनाया गया है, जिसमें सुन्नी इस्लामी आतंकवादी समूह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान भी शामिल है। जो उन्हें विधर्मी मानता है। फिलहाल किसी समूह ने इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
सेंटर फॉर स्टडी ऑफ आर्गेनाइज्ड हेट के अनुसार, पाकिस्तान में पिछले 20 सालों में सांप्रदायिक हिंसा में कम के कम 4000 शिया मारे गए हैं। लेकिन इस्लामाबाद में इस तरह के हमले ज्यादा नहीं देखे गए हैं। पर हाल 11 नवंबर 2024 को इस्लामाबाद में हुए आत्मघाती बम हमले में 12 लोग मारे गए और 27 अन्य घायल हो गए थे।
सितंबर 2008 में, एक आत्मघाती हमलावर ने इस्लामाबाद के मैरियट होटल में एक डंप ट्रक में विस्फोट कर दिया, जिसमें कम से कम 63 लोग मारे गए और 250 से अधिक लोग घायल हो गए।
Updated on:
07 Feb 2026 03:12 am
Published on:
07 Feb 2026 03:12 am
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