
थाईलैंड (Thailand) के पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा (Thaksin Shinawatra) ने कुछ दिन पहले ही जेल की सज़ा के डर से देश छोड़ दिया था। हालांकि वह वापस देश लौट गए और आज अपनी बेटी पैतोंगटार्न शिनावात्रा (Paetongtarn Shinawatra), जिन्हें कुछ दिन पहले ही देश की संवैधानिक अदालत ने पीएम पद से हटाया है, के साथ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के सामने पेश हुए। सुप्रीम कोर्ट ने 76 वर्षीय शिनावात्रा को बड़ा झटका दे दिया है।
थाईलैंड के सुप्रीम कोर्ट ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा को एक साल की जेल की सज़ा सुनाई है। थाकसिन ने 2023 में अपनी मूल सज़ा को अस्पताल में रहकर गलत तरीके से काटा था, जो सुधार विभाग के नियमों के खिलाफ है। इसी वजह से अब उन्हें एक साल की जेल की सज़ा सुनाई गई है और तुरंत ही बैंकॉक की एक जेल में भेज दिया गया है।
2023 में शिनावात्रा को अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के लिए 8 साल की जेल की सज़ा सुनाई गई। हालांकि उन्हें जेल के बजाय बैंकॉक के पुलिस जनरल हॉस्पिटल में रखा गया। इस वजह से उन पर विशेष सुविधाएं पाने के आरोप भी लगे। बाद में उनकी सज़ा को घटाकर 1 साल कर दिया गया था और 6 महीने बाद ही उन्हें पैरोल पर रिहा कर दिया गया था। इसी वजह से उन्हें अब जेल भेजा गया है।
थाईलैंड के सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया है कि यह अंतिम फैसला है। शिनावात्रा इस फैसले को चुनौती नहीं दे सकते और उन्हें अपनी सज़ा पूरी करनी हो होगी।