
Syria Explosions: उत्तरी सीरिया के अलेप्पो प्रांत में अल-ईस क्षेत्र के पास स्थित एक सैन्य परिसर में सोमवार सुबह जोरदार विस्फोटों की श्रृंखला हुई। सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी SANA (Syrian Arab News Agency) के अनुसार, घटना सेना के एक ठिकाने पर हुई। बाद की जानकारी में इसे हथियार और गोला-बारूद रखने वाले परिसर से जोड़कर बताया गया है। धमाकों के कारण इलाके में सुरक्षा संबंधी खतरा बढ़ गया है।
उत्तरी सीरिया के अलेप्पो प्रांत में अल-ईस क्षेत्र के पास स्थित एक सैन्य परिसर में सोमवार सुबह जोरदार विस्फोटों की श्रृंखला हुई। Aljazeera X के अनुसार, घटना सेना के एक ठिकाने पर हुई। बाद की जानकारी में इसे हथियार और गोला-बारूद रखने वाले परिसर से जोड़कर बताया गया है। धमाकों के कारण इलाके में सुरक्षा संबंधी खतरा बढ़ गया है।
अलेप्पो में नागरिक सुरक्षा अभियान के प्रमुख फैसल मोहम्मद अली ने SANA को बताया कि बचाव दलों ने अब तक चार घायलों को घटनास्थल से निकाल लिया है। हालांकि, परिसर में धमाकों का सिलसिला जारी रहने से अतिरिक्त एंबुलेंस और राहत टीमों की आवाजाही प्रभावित हुई। अधिकारियों ने आम लोगों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील की है।
अलेप्पो के गवर्नर अज़्जाम अल-ग़रीब ने भी लोगों से फिलहाल घरों में रहने को कहा। उनके मुताबिक अस्पतालों, एंबुलेंस और आपातकालीन टीमों को पूरी तरह तैयार रखा गया है। सुरक्षा बलों ने विस्फोट वाले इलाके की ओर जाने वाली सड़कों को भी बंद कर दिया, ताकि किसी नागरिक के हताहत होने का जोखिम कम किया जा सके।
फिलहाल धमाकों की असल वजह स्पष्ट नहीं हुई है। शुरुआती रिपोर्टों में किसी हमले या बाहरी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसी वजह से घटना को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। सरकारी प्रसारक अल-इखबारिया ने भी शुरुआती चरण में विस्फोटों की प्रकृति की जांच जारी होने की जानकारी दी थी।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब सीरिया में हाल के दिनों में हथियार और गोला-बारूद से जुड़े कई हादसे सामने आए हैं। सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के अनुसार, 18 सितंबर को दीर एज़-ज़ोर क्षेत्र में एक सैन्य गोला-बारूद भंडार में विस्फोट से 11 लोगों की मौत हुई थी और 10 अन्य घायल हुए थे। इससे पहले इदलिब क्षेत्र में भी हथियार भंडार में हुए विस्फोट में बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे।
अलेप्पो की ताजा घटना में फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यह है कि जब तक विस्फोट पूरी तरह थम नहीं जाते, तब तक राहत कार्य और नुकसान का आकलन प्रभावित रह सकता है। अधिकारियों की ओर से लोगों को इलाके से दूर रखने और आपात सेवाओं को तैयार रखने पर विशेष जोर दिया गया है।