
चीन (China) और ताइवान (Taiwan)....इन दोनों एशियन देशों के बीच विवाद जगजाहिर है और किसी से छिपा नहीं है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से टेंशन का माहौल रहा है, पर पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच टेंशन का माहौल काफी ज़्यादा बढ़ गया है। पिछले साल रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद से ही कई लोगों ने इस बात की संभावना जताना शुरू कर दी थी कि चीन भी ताइवान पर कब्ज़ा करने के लिए उस पर हमला कर सकता है। हालांकि अमरीका की तरफ से ताइवान को पूरा समर्थन मिला हुआ है, जिसका चीन ने विरोध भी किया है। चीन कई बार ताइवान बॉर्डर के पास युद्धाभ्यास भी कर चुका है। चीन के खतरे के बीच हाल ही में ताइवान ने एक बड़ा फैसला लिया है।
ताइवान ने एक्टिवेट किया अपना डिफेंस सिस्टम
हाल ही में ताइवान ने अपना डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट कर लिया है। ताइवान ने यह कदम आज ही उठाया है। ताइवान की मिलिट्री ने अपने एयरक्राफ्ट्स और शिप्स को अलर्ट कर दिया है और हर हलचल पर नज़र रखने के लिए कहा है।
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क्या है ताइवान के इस फैसले की वजह?
ताइवान के अचानक से अपने डिफेंस सिस्टम को एक्टिवेट करने की खबर बिल्कुल भी हैरान नहीं करती। इस तरह का कदम उठाने की उम्मीद ताइवान से पिछले कुछ समय से की जा रही थी। ताइवान की डिफेंस मिनिस्ट्री ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में उन्होंने चीन के करीब 37 फाइटर जेट्स को ताइवान के एयर-स्पेस में पाया था। और यह पहला ऐसा मौका नहीं है जब चीन के फाइटर जेट्स ने ताइवान के एयर-स्पेस में घुसपैठ की है। ऐसा पहले भी अलग-अलग मौकों पर हो चुका है।
इतना ही नहीं, चीन अब तक एक से ज़्यादा बार ताइवान की बॉर्डर के पास सैन्याभ्यास भी कर चुका है। अप्रैल में चीन की आर्मी ने ताइवान बॉर्डर के पास वॉर गेम्स का अभ्यास किया था।
ऐसे में ताइवान ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपने डिफेंस सिस्टम को एक्टिवेट करना ही उचित समझा। हालांकि ताइवान के इस कदम पर चीन की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की गई है।