
नई दिल्ली।
तालिबान ने अमरीका और यूरोपीय देशों समेत पूरी दुनिया को गीदड़ भभकी दी है। उसने चेतावनी देते हुए कहा है कि उनकी हुकूमत को आर्थिक प्रतिबंध लगाकर कमजोर करने की कोशिशें की गईं, तो वैश्विक सुरक्षा पर इसका सीधा असर होगा। उसने यह भी कहा कि इससे बड़े पैमाने पर लोगों का पलायन शुरू हो सकता है।
अफगानिस्तान के कार्यकारी विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी ने दानकर्ता देशों से कहा है कि वे आर्थिक प्रतिबंध हटाएं, जिससे अफगान बैंक की संपत्ति पर लगा फ्रीज ऑर्डर हटे और कामगारों को वेतन दिया जा सके। यह बयान दुनिया की बीस बड़ी अर्थव्यवस्थाओं यानी जी-20 की बैठक के बाद आया है, जिसने देश में बढ़ रहे मानवीय संकट से निबटने का फैसला लिया गया है। हालांकि, उन देशों का कहना है कि तालिबान को मानवाधिकारों का आदर करना होगा।
अफगानिस्तान में बंदूक के दम पर सत्ता पर काबिज होने वाले तालिबान ने आर्थिक प्रतिबंधों को लेकर दुनिया को धमकी दी है। अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने कहा कि अफगान सरकार को कमजोर करना किसी के हित में नहीं है। मुत्ताकी ने धमकाने के लहजे में कहा कि अगर प्रतिबंधों को नहीं हटाया गया तो उसका सीधा असर वैश्विक सुरक्षा पर पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इससे अफगानिस्तान में बड़े पैमाने पर लोगों का पलायन भी शुरू हो सकता है।
विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी के नेतृत्व में इस्लामिक अमीरात का प्रतिनिधिमंडल कतर की राजधानी दोहा में दुनियाभर के देशों से मुलाकात रहा है। अमेरिका और यूरोपीय दूतों के साथ एक बैठक में तालिबानी नेताओं ने इस्लामिक अमीरात पर प्रतिबंध हटाने का निवेदन किया। उन्होंने कहा कि अफगानी बैंकों को सामान्य रूप से काम करने देने की अनुमति दी जाए।