
ईरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा को लेकर कार्यक्रम जारी है। इस बीच हॉर्मुज में एक कतारी एलएनजी टैंकर पर हमला हुआ है। इस घातक हमले के बाद टैंकर के इंजन रूम में आग लग गई।
इस बीच, ईरान सरकार ने अमेरिका को साफ-साफ कह दिया है कि जब तक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी धमकियां बंद नहीं करते, तब तक कोई स्थायी शांति वार्ता नहीं होगी।
कोम शहर में खामेनेई और उनके परिवार के चार सदस्यों के जनाजे में मंगलवार को सैकड़ों हजार लोग शामिल हुए। लोग झंडे लेकर निकले और खामेनेई को शहीद बताते हुए नारे लगाए। कई जगह 'ट्रंप को मार डालो' वाले बैनर भी दिखे। सोमवार को तेहरान में भी इसी तरह का विशाल जुलूस निकला।
लोग कह रहे हैं कि खामेनेई की शहादत का बदला जरूर लिया जाएगा। उधर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने लिखा कि लाखों गर्वित ईरानी एकजुट होकर अपने लीडर को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। उनकी सेना और लोग किसी भी धमकी से नहीं डरते।
ट्रंप ने सोमवार को कहा- या तो डील हो जाएगी या हम काम पूरा कर देंगे। यह मुश्किल नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान के पुल एक घंटे में गिराए जा सकते हैं और ऊर्जा आपूर्ति बंद की जा सकती है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि वे 91 मिलियन लोगों को प्रभावित नहीं करना चाहते, इसलिए डील पसंद करेंगे।
ब्रिटेन की यूकेएमटीओ ने बताया कि ओमान तट से 14 किलोमीटर दूर एक टैंकर पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। रॉयटर्स के सूत्रों ने कहा कि यह कतारी लिक्विफाइड नेचुरल गैस टैंकर था। क्रू सुरक्षित है लेकिन जहाज में धुआं और आग फैल गई। कुछ रिपोर्ट्स में दो जहाजों पर हमले की बात भी कही गई।
फिलहाल, इस हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है। अमेरिका और ईरान ने अब तक इस बारे में खुलकर कुछ नहीं बोला है। बता दें कि चार महीने पहले अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई जंग अब तक खत्म नहीं हो पाई है, इससे दोनों तरफ भारी नुकसान हुआ है। आखिरकार दोनों एक डील पर सहमत हुए, लेकिन बात नहीं बन पाई।