लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा के सह-संस्थापक आमिर हमजा पर अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी की। आमिर गंभीर रूप से घायल। हमला पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क की अंदरूनी हलचल की ओर इशारा करता है।
Firing on Aamir Hamza: लाहौर से आतंकी गतिविधियों से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी नेटवर्क लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय हुआ है। इसी बीच अज्ञात हमलावरों ने लश्कर-ए-तैयबा के सह-संस्थापक आमिर हमजा पर लाहौर के एक न्यूज चैनल के कार्यालय के बाहर गोलीबारी कर दी, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
लाहौर में हुई इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। जानकारी के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने अचानक फायरिंग कर आमिर हमजा को निशाना बनाया। यह पहली बार नहीं है जब उन पर हमला हुआ हो। इससे पहले मई 2025 में भी उनके घर के बाहर गोलीबारी की घटना सामने आई थी। उस समय भी वे बाल-बाल बचे थे। इस बार उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
आमिर हमजा ने 1985-86 के बीच कुख्यात आतंकी हाफिज सईद के साथ मिलकर लश्कर-ए-तैयबा की स्थापना की थी। उन्हें इस संगठन का प्रमुख विचारक और प्रचारक माना जाता है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, वे संगठन की केंद्रीय सलाहकार समिति का हिस्सा रहे और बाहरी संबंधों को संभालने में भूमिका निभाते थे। वे संगठन के साप्ताहिक अखबार के संपादक भी रह चुके हैं और प्रचार सामग्री तैयार करने में सक्रिय थे।
आमिर हमजा का नाम भारत सहित कई देशों में आतंकी गतिविधियों से जोड़ा गया है। साल 2010 के आसपास वे संगठन के विशेष अभियानों और फंडिंग गतिविधियों में शामिल थे। साल 2018 में पाकिस्तान सरकार की कार्रवाई के बाद उन्होंने लश्कर-ए-तैयबा से दूरी बना ली थी, लेकिन बाद में जैश-ए-मनकाफा नामक अलग गुट बनाकर गतिविधियां जारी रखीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह गुट जम्मू-कश्मीर में आतंकी फंडिंग और ऑपरेशन से जुड़ा रहा है।