
ईरान (Iran) में गोलीबारी का एक मामला सामने आया है, जिसमें आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) को निशाना बनाया गया। आईआरजीसी ने इसे आतंकी हमला करार दिया है। सरकारी मीडिया ब्रॉडकास्टर ने आज, मंगलवार, 30 जून को जानकारी दी कि सोमवार को ईरान के पश्चिमी केरमानशाह (Kermanshah) प्रांत की पावेह काउंटी (Paveh County) में हुआ।
जानकारी के अनुसार कुछ अज्ञात हमलावरों ने एक घर के दरवाजे पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की। इस हमले में आईआरजीसी के 2 सैनिक मारे गए। 2 अन्य सैनिक इस हमले में घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आईआरजीसी ने गोलीबारी की इस घटना को कायरतापूर्ण और विश्वासघाती आतंकी बताया। साथ ही इस मामले की जांच भी शुरू कर दी है, जिससे हमले के पीछे ज़िम्मेदार लोगों का पता लगाया जा सके।
इस आतंकी हमले की फिलहाल किसी ने ज़िम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि यह संभावना है कि किसी क्षेत्रीय आतंकी/उग्रवादी संगठन के लोगों ने ईरानी सरकार और आईआरजीसी के प्रति नाराज़गी के चलते इस हमले को अंजाम दिया। वहीँ कुर्दिस्तानी अलगाववादियों के भी इस हमले के पीछे होने की संभावना है, जो लंबे समय से ईरानी सरकार और आईआरजीसी के खिलाफ हैं। इनके अमेरिका (United States of America) और इज़रायल (Israel) से कनेक्शन होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आईआरजीसी ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य इकाई है, जो देश की सुरक्षा और विदेश नीति में अहम भूमिका निभाती है।
ईरान और कुर्दिस्तानी अलगाववादियों में लंबे समय से तनाव चल रहा है। दरअसल ईरान के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र कुर्दिस्तान प्रांत में रहने वाले कुर्दिस्तानी लोग ईरानी शासन के तहत सांस्कृतिक, भाषाई और राजनीतिक अधिकारों की मांग करते रहे हैं। हालांकि ईरानी शासन इन लोगों को अलगाववादी मानता है और उन्हें देश की एकता के लिए खतरा समझता है और इसी वजह से उन्हें उनके हकों से वंचित रखा जाता है। कुर्दिस्तानी अलगाववादी संगठन अपने लोगों के लिए स्वायत्त क्षेत्र चाहता है। ईरान इसके खिलाफ है और अक्सर ही इन इलाकों में सरकार के आदेश पर सैन्य अभियान चलाए गए हैं।