
पाकिस्तान (Pakistan) के खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) प्रांत में आतंकवाद की स्थिति काबू से बाहर है। सरकार और सुरक्षाबलों के तमाम प्रयासों और लगातार चलाए जा रहे सैन्य अभियानों के बावजूद प्रांत में आतंकी हमलों के मामले कम होने की जगह बढ़ रहे हैं। पाकिस्तानी सैन्य अभियानों में कई आतंकी मारे जा रहे हैं, लेकिन फिर भी उनकी गतिविधियों में किसी तरह की कमी देखने को नहीं मिल रही है। खैबर पख्तूनख्वा में आतंकी अक्सर ही सेना, पुलिस और सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाते हैं और आज, गुरुवार, 8 अक्टूबर को एक बार फिर ऐसी ही वारदात देखने को मिली।
पुलिस ने जानकारी दी कि आतंकियों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के करक जिले के न्यू करपा इलाके में पुलिस की टीम पर अचानक से हमला कर दिया। दोनों पक्षों में जमकर गोलीबारी हुई और इस दौरान 2 पुलिसकर्मी मारे गए। मारे गए पुलिसकर्मियों की पहचान बांदा दाऊद शाह पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर दाऊद खान और पुलिस गनमैन फरहाद के रूप में हुई।
इस हमले को अंजाम देने के बाद आतंकी घटनास्थल से फरार हो गए। पुलिस ने आतंकियों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है और आसपास के इलाकों में उनकी तलाश की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस ने कुछ जगहों पर चेकपॉइंट भी बना दिए हैं जिससे आतंकियों की तलाश में मदद मिल सके और भागने के रास्तों को सील कर दिया है जिससे वो पुलिस की पहुंच से बचकर न निकल पाए।
खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के करक जिले में आज पुलिस की टीम पर हुए इस आतंकी हमले के पीछे किसका हाथ है, फिलहाल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी टीटीपी (Tehreek-e-Taliban Pakistan aka TTP) की खैबर पख्तूनख्वा में सक्रियता और पहले भी ऐसे कई हमलों को अंजाम देने की वजह से इस हमले में भी टीटीपी की भूमिका मानी जा रही है। टीटीपी का नेटवर्क पूरे खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में फैला हुआ है और अक्सर ही इस तरह के आतंकी हमले देखने को मिलते हैं। पाकिस्तान में आतंकवाद की स्थिति पर गौर किया जाए, तो खैबर पख्तूनखा में हालात अन्य सभी प्रांतों से बदतर है।