
जॉर्डन (Jordan) में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को एक चर्च पर हुए आतंकी हमले (Terrorist Attack) में 9 लोगों की मौत हो गई। पहले मृतकों की संख्या 7 बताई जा रही थी, जो बाद में बढ़कर 8 हुई और फिर 9। इस आतंकी हमले में 40 लोग घायल हो गए। इस मामले में अब सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। सुरक्षाबलों ने चर्च में कत्लेआम मचाने के आरोप में आज, सोमवार, 26 अक्टूबर को 3 लोगों को गिरफ्तार किया है।
सुरक्षाबलों ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करके पूछताछ शुरू कर दी है। इस मामले की जांच जारी है। हमले के बाद किसी आतंकी संगठन ने इसकी ज़िम्मेदारी नहीं ली थी। आरोपियों से पूछताछ के बाद ही पता चलेगा कि वो किसी आतंकी संगठन के सदस्य ये या नहीं। इस आतंकी हमले के पीछे उनका क्या मकसद था, इस बारे में भी पूछताछ के बाद ही पता चल पाएगा। जॉर्डन में गोलीबारी की इस घटना को एक असामान्य सुरक्षा घटना माना गया, क्योंकि यहाँ बड़े पैमाने पर आतंकी हमले और खासकर ईसाइयों को निशाना बनाने वाले हमले बहुत कम ही देखने को मिलते हैं। ऐसा नहीं है कि जॉर्डन में पहले कभी आतंकी हमले नहीं हुए, लेकिन देश के सुरक्षाबलों ने इस्लामिक चरमपंथी संगठनों द्वारा किए गए कई हमलों की कोशिशों को बार-बार नाकाम किया है।
जॉर्डन के करक गवर्नरेट के हमूद गांव में शुक्रवार 23 अक्टूबर को ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान तीन आतंकियों ने हमला करते हुए ताबड़तोड़ गोलीबारी की थी। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि तीनों आतंकी फुटपाथ पर पेड़ों और एक दीवार के पीछे छिपकर चर्च में लोगों पर गोलियाँ चला रहे थे और फिर वो दौड़ते हुए चर्च के अंदर चले गए और ताबड़तोड़ गोलीबारी जारी रखी। आतंकियों ने कई मिनटों तक गोलीबारी की, जिससे चर्च में हाहाकार मच गया। हमले के समय चर्च में 150-200 लोग मौजूद थे। वारदात को अंजाम देने के बाद आतंकी घटनास्थल से उसी कार में फरार हो गए थे, जिसमें वो आए थे। इस आतंकी हमले में 9 लोगों ने अपनी जान गंवा दी और 40 अन्य लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।